
उज्जैन। आगामी विधानसभा चुनाव (vidhansabha election) में एक नई राजनीतिक पार्टी के गठन की तैयारी कर रहे सेवानिवृत्त आइएएस डॉ. वरद् मूर्ति मिश्र (varad murti mishra ias) ने प्रदेश की भाजपा सरकार के मंत्री को अयोग्य ठहराया है। उनका मानना है कि इनके पास इनके पद के लायक काबिलियत नहीं है। जिस तरह अमेरिका व यूरोप के देशों में मंत्री उस क्षेत्र में योग्यता रखने वाले होते हैं, ऐसे हमारे यहां नहीं है। यह मंत्री सिर्फ ब्यूरोकेट्स के भरोसे हैं और इनसे ही इनकी राजनीति चलती है।
डॉ. मूर्ति ने खुद आइएएस होने के बावजूद अपनी ही बिरादरी के आइएएस अधिकारियों को महाभ्रष्ट करार दिया है। उनका कहना है कि आइएएस सिर्फ अपनी क्रीम पोस्टिंग के लिए काम करते हैं और कैलेंडर की तरह एक जगह से दूसरे जगह टंगते हैं। समाज सेवा या देश के विकास से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
डॉ. मूर्ति गुरुवार को अपनी राजनीतिक पार्टी बनाने तथा उसके गतिविधियों को साझा करने के लिए मीडिया से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाए कि प्रदेश में पिछले 20 वर्षों में जो विकास होना चाहिए था, वह नहीं हो पाया है।
डॉ. मूर्ति ने प्रदेश की आर्थिक खस्ता हालत के बारे में बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार 20 हजार करोड़ तो सिर्फ ब्याज भरने में ही खर्च कर रही है। इससे समझा जा सकता है कि प्रदेश किस तरफ बढ़ रहा है। हालांकि उन्होंने अपनी नई पार्टी का क्या नाम रखा है, इसका खुलासा नहीं किया।
यह बताया कि उनकी पार्टी समाज के सारे लोगों को साथ में रखकर काम करेगी। सपाक्स पार्टी की तरह उनका नजरिया संकरा नहीं है। वे 26 साल से आइएएस के रूप में समाज में काम किया है, उन्हें अनुभव है किस तरह बदलाव कर सकते हैं।
कौन हैं डॉक्टर वरद मूर्ति मिश्रा
भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 2014 बैच के आईएएस अधिकारी डॉक्टर वरद मूर्ति मिश्र ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। लंबी लड़ाई के बाद मिश्रा को करीब दो महीने पहले ही आईएएस अवार्ड हुआ था। इससे पहले वे राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी थे। साल 1996 में राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षा में चयनित होकर डिप्टी कलेक्टर बने थे। उनकी छवि आम लोगों के बीच में जाकर काम करने की थी।
Updated on:
02 Sept 2022 06:13 pm
Published on:
02 Sept 2022 06:11 pm
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