20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

फसल का जरा भी नुकसान हो तो किसान यहां लगाएं फोन, जरूर मिलेगा पैसा

कृषि विभाग नहीं कर पाया नुकसानी का आकलन, किसानों से कहा- नुकसान हुआ तो बीमा कंपनी के नंबर पर फोन लगाओ

less than 1 minute read
Google source verification
wheat17m.png

कृषि विभाग नहीं कर पाया नुकसानी का आकलन

उज्जैन. एमपी में फिर मौसम बदला है जिससे फसलों का जबर्दस्त नुकसान हुआ है। बारिश, हवा से कई जगहों पर फसल बर्बाद हो गई है। कुछ इलाकों में तो ओला वृष्टि हो गई, जिससे खेतों में खड़ी फसल को बड़ा नुकसान पहुंचा है। इधर तेज हवा ने फसल को जमीदोज कर दिया, जिसके दाने का रंग फीका पड़ गया। कुल मिलाकर मौसम के बदलाव से किसानों को नुकसान है, लेकिन कृषि विभाग इससे किनारा कर रहा है। हालांकि किसानों के लिए एक रास्ता जरूर है, जहां फोन कर फसल में हुए नुकसान का मुआवजा प्राप्त किया जा सकता है।

इस समय 70 फीसदी खेतों में गेहूं पकने की कगार पर है। ऐसे में बारिश, ओला वृष्टि और तेज हवा किसानों की किस्मत से दगाबाजी कर रही है।
उल्लेखनीय है कि 6 से 8 मार्च के बीच जिले के अधिकांश क्षेत्रों में बेमौसम बारिश हो गई। इधर खाचरौद व बडऩगर क्षेत्र में ओला वृष्टि हुई। घट्टिया, बडऩगर, तराना, खाचरौद, महिदपुर व उज्जैन तहसीलों के कई क्षेत्रों में बारिश के साथ तेज हवा ने गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया है।

एक ओर जहां प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री सर्वे करवाकर किसानों को मुआवजे का भरोसा दिला रहे हैं, वहीं कृषि अधिकारी अब तक सर्वे नहीं कर सके हैं। नुकसानी की खबर देने वाले किसानों को कृषि अधिकारी बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर फोन लगाने का सुझाव दे रहे हैं। अफसरों का कहना है कि नुकसान हुआ तो बीमा कंपनी को बताओ, क्लेम मिलेगा। बारिश का आंकड़ा प्रशासन द्वारा जारी रिपोर्ट बता रही है, लेकिन कृषि विभाग इससे इंकार कर रहा है। बहरहाल बेमौसम बारिश, हवा और ओला वृष्टि से फसल नुकसानी पर किसान परेशान है और कृषि विभाग के चक्कर तथा बीमा कंपनी के फोन घनघना रहा है।