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आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन पर दर्ज होगा प्रकरण

लापरवाही की और साक्ष्य छुपाए, एफएसएल टीम ने की रिपोर्ट तैयार, मृतक के दिल और गले की जांच का इंतजार

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उज्जैन। दो दिन पूर्व आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में वेंटीलेटर के मास्क मंे शॉक (कार्डियो पल्मोनरी रेस्क्यूएशन) देने के दौरान आग लगने से उल्टी दस्त का उपचार करवाने पहुंचे मरीज की मौत हो गई। हादसे में मेडिकल कॉलेज की लापरवाही तो सामने आई है, वहीं कॉलेज प्रबंधन ने हादसे के बाद साक्ष्य भी छुपाने की कोशिश की। एेसे अन्य प्रमाणों के साथ एफएसएल टीम की प्रभारी डॉ. प्रीति गायकवाड़ ने रिपोर्ट तैयार की है, जिसके आधार पर आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के खिलाफ मामला दर्ज होगा। इसके साथ ही एफएसएल टीम ने मृतक के दिल और गले के ट्रेकिया की जांच भी इन्दौर करवाई है, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार टीम को है। इसके बाद ही एफएसएल प्रभारी अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। शुक्रवार को भी फोरेंसिक टीम को एमवायएच से शार्ट पीएम रिपोर्ट नहीं मिल पाई है।

बता दें, आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही के कारण बुधवार सुबह आइसीयू में भर्ती मरीज की ऑक्सीजन मास्क में आग लगने से मौत हो गई। २८ मई को उल्टी-दस्त के उपचार के लिए यहां आए मरीज भगवती प्रसाद (४०) पिता कन्हैयालाल निवासी मुल्लापुरा को तबीयत बिगडऩे पर बुधवार सुबह इलेक्ट्रिक शॉक दिए गिए। इसी दौरान शार्ट सर्किट होने से ऑक्सीजन मास्क में आग लग गई। इससे मरीज का चेहरा, गर्दन और छाती बुरी तरह झुलस गए। उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इससे गुस्साए परिजन ने हंगामा खड़ा कर दिया।
मेडिकल काउंसिल को भी भेजेंगे रिपोर्ट
फोरेंसिक टीम आरडी गार्डी में आइसीयू की व्यवस्थाओं की रिपोर्ट तैयार कर मेडिकल काउंसिल को भेजेगी, जिसमें लापरवाही सामने आने पर काउंसिल की तरफ से भी कार्रवाई होने की संभावना है।
इनका कहना ...
मृतक के दिल और गले के ट्रैकिया की जांच आना बाकी है। इसके बाद रिपोर्ट पेश की जाएगी। मामले में निश्चित ही टीम को एेसे साक्ष्य मिले हैं, जिनमें मेडिकल कॉलेज की लापरवाही तो सामने आए हैं साथ ही कॉलेज प्रबंधन ने साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ कर उन्हें भी छुपाया है। इसके साथ ही आइसीयू में भी कईं गड़बडियां हैं जिसके बारे में एमसीआई को लिखा है।
डॉ. प्रीति गायकवाड़, एफएसएल, प्रभारी