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उज्जैन.विश्वविद्यालयों में श्रेष्ठ कार्य के लिए राजभवन की ओर चांसलर मेडल दिए जाएंगे। इसके अलावा आने वाले ६ माह में प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों में इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट सिस्टम लागू होगा। यह निर्णय विश्वविद्यालय समन्वय समिति की बैठक में लेकर सभी कुलपतियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। विश्वविद्यालय समन्वय समिति की बैठक पिछले दिनों भोपाल में राज्यपाल लालजी टंडन की अध्यक्षता में हुई थी। इसमें विक्रम विवि कुलपति प्रो. बालकृष्ण शर्मा के अलावा प्रदेश के अन्य कुलपतियों ने शिरकत की। इसमें राज्यपाल और कुलाधिपति की ओर से बताया गया कि राजभवन द्वारा अच्छा कार्य करने वालों को प्रोत्साहित और प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले छात्र, कर्मचारी, शिक्षक, कुलपति को चांसलर मेडल से सम्मानित किया जाएगा। लापरवाही और अनियमितता करने पर बख्शा ही नहीं जाएगा। प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों में इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जा रहा है। शीघ्र ही सभी विश्वविद्यालय और महाविद्यालय डिजिटल हो जाएंगे। आगामी 6 माह में प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय और महाविद्यालय में यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। बदलती परिस्थितियों में केवल उन्हीं शिक्षा संस्थानों का भविष्य है, जो नैक ग्रेडिंग प्राप्त होंगे। उन्होंने सचेत किया कि अनिवार्य रूप से शिक्षा संस्थान नैक ग्रेडिंग प्राप्त करें। अभी इस कार्य में उन्हें नैक का सहयोग भी दिलाया जा सकेगा। भविष्य में नैक ग्रेडिंग के बिना उच्च शिक्षण संस्थान का संचालन संभव नहीं होगा।
राजभवन से होगी मॉनिटरिंग
कुलपतियों को निर्देश दिए गए कि निर्णयों का समयबद्ध पालन कर हर स्तर पर जवाबदारी के साथ कार्य व्यवस्था का निर्माण करें। परिणाम नहीं मिलने पर उत्तरदायी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। राजभवन द्वारा इसकी गहन मॉनिटरिंग भी की जाएगी। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शैक्षणिक पर्यावरण आवश्यक है। विश्वविद्यालयों को बदलते परिवेश के अनुसार क्या करना है, इसका नक्शा तैयार करें। इसमें विलंब को गंभीरता से लिया जाएगा। पालन में लापरवाही को कुलाधिपति की अवमानना का दोषी मानकर दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। परीक्षा परिणाम के लिए १५ दिन की सीमा तय बताया जाता है कि समन्वय समिति की बैठक में राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में परीक्षा परिणामों के लंबित होने और छात्रों की सुविधाओं का क्रियान्वयन नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की। बैठक में बताया गया कि सभी विश्वविद्यालय आगामी 15 दिन में लंबित परीक्षा परिणाम अनिवार्यत: घोषित कर देंगे। कुलपतियों से कहा गया कि परीक्षा कार्य विश्वविद्यालय की मौलिक जिम्मेदारी है। परीक्षा कार्य विश्वविद्यालय के प्रत्येक कर्मचारी और प्राध्यापक का दायित्व है। इस कार्य में असहयोग करने वालों को ब्लैक लिस्ट कर कुलपति द्वारा कार्रवाई की जाए। शैक्षणिक कैलेंडर का पालन नहीं होना विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परीक्षा और परिणाम के कार्य तय समय-सीमा में संपन्न करने के साथ ऑनलाइन प्रमाण-पत्र तथा अंकसूची वितरण की व्यवस्था करें।
Published on:
02 Oct 2019 09:46 pm
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