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क्यों सडऩे लगा 3 करोड़ रुपए का चरक हॉस्पीटल का एसी प्लांट 

3 करोड़ के एसी प्लांट में लीकेज - सडऩे लगी चरक अस्पताल की पीओपी

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Nagda Desk

Sep 18, 2016

POP was dripping from AC responded

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उज्जैन. चरक अस्पताल का एसी प्लांट करीब 80 फीसदी लीकेज है। इस कारण अस्पताल की पीओपी सडऩे लगी है। मंजिल के ज्यादातर स्थानों पर पीओपी खराब हो गई है, जिस वजह से यहां प्लाय लगाकर काम चलाना पड़ रहा है।
93 करोड़ रुपए से बने छह मंजिला चरक अस्पताल में सेंट्रलाइज एसी के लिए 3 करोड़ रुपए से 320 टन का एसी प्लांट लगाया गया है। एसी का कनेक्शन भूतल से लेकर छठे माले तक अलग-अलग स्थानों पर किया गया, लेकिन महज 5 माह में ही एसी लीकेज होने लगा। सातों ऑपरेशन थियेटर, एसएनसीयू, ओब्सट्रेक्ट आईसीयू,पीआईसीयू, इमरजेंसी, भूतल के ऑफिसों में एसी लीकेज होने की वजह से छतों की पीओपी सड़ गई है।एसएनसीयू प्रभारी डॉ.अशोक मित्तल ने बताया कि शिकायत पर पिछले दिनों संबंधित कर्मचारियों ने मरम्मत की थी, लेकिन समस्या फिर से आने लगी है। एसी प्लांट संचालक नरेश शर्मा ने बताया दूसरी मंजिल पर एसी 80 फीसदी से अधिक स्थानों पर लीकेज है।


आधी क्षमता पर कर रहे संचालित
फिलहाल तीन मंजिलों में ही चरक अस्पताल का संचालन किया जा रहा है। 320 टन के एसी प्लांट में से 160 टन क्षमता का ही उपयोग किया जा रहा है। इसका बिजली खर्च 5 से 6 लाख के बीच आ रहा है।


रिमोट से नहीं करते बंद इसलिए दिक्कत
&जहां-जहां एसी के कनेक्शन दिए गए हैं वहां एसी को सीधे स्वीच से बंद करने की वजह से ये दिक्कत आ रही है। एसी को रिमोट से बंद करने पर पाइप में मौजूद पानी को मोटर एक्सिस्टिंग पाइप के जरिए बाहर निकाल देती है, जबकि रिमोट की बजाए स्वीच से बंद करने पर पाइप में भरा पानी वहीं रह जाता है। जिस वजह से वह टपकने लगता है। एसी प्लांट संचालक सहित अन्य लोगों को इसके लिए ट्रेनिंग दी है। ताकि आगे से यह समस्या नहीं आए।
आर के शर्मा, इलेक्ट्रीकल इंजीनियर हाउसिंग बोर्ड


लीकेजिंग की समस्या और पीओपी की मरम्मत के लिए हाउसिंग बोर्ड को पत्र लिखा था। उन्होंने कुछ स्थानों पर मरम्मत भी करवाई है। लीकेजिंग की समस्या टेक्निकल प्रॉब्लम है। इसलिए प्लांट संचालक से समस्या समझ कर उसके निदान के बारे में समझने के लिए बोला है। फिलहाल कुछ स्थानों पर लीकेजिंग की मरम्मत की गई है।
डॉ.एन के त्रिवेदी, सिविल सर्जन

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