
Madhav College
उज्जैन. माधव कॉलेज में प्राचार्य पद को लेकर उलझन खड़ी हो गई। प्रभारी प्राचार्य बीएस मक्कड़ अवकाश पर गए और प्रो. हेमंत नामदेव को प्राचार्य चार्ज दे गए। इसके बाद बीएस मक्कड़ अवकाश से वापस आ गए और प्रोफेसर के पद पर ज्वाइनिंग दी। उन्होंने प्राचार्य का पद नहीं संभाला। कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य के रूप में प्रो. हेमंत नमादेव पर ही जिम्मेदारी रहने दी, लेकिन बिना विभागीय प्रक्रिया के दो लोगों ने आपस में प्राचार्य पद के प्रभार का हेर-फेर कर लिया। इससे अब उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों में उलझन खड़ी हो गई। साथ ही कॉलेज में दो प्राचार्य की स्थिति बन गई, क्योंकि बीएस मक्कड़ के ज्वाइनिंग लेते ही प्रो. नामदेव नियमानुसार पद से हट गए।
अवकाश अवधि तक के लिए था चार्ज
पत्रिका ने पूर्व प्राचार्य बीएस मक्कड़ से चर्चा की। तो उनका कहना था कि उन्होंने प्रो. नामदेव को फुल चार्ज (वित्तीय अधिकार) दिया है, लेकिन समस्या नियमों में के चलते हो गई। दरअसल, प्रो. नामदेव के पास प्राचार्य पद की जिम्मेदारी बीए मक्कड़ के अवकाश पर रहने तक थी। उनके ज्वाइन होते ही नामदेव हट गए। अब विभागीय व्यवस्था के तहत प्रो. मक्कड़ प्राचार्य है। वित्तीय अधिकार उनके पास है और कॉलेज में सभी अधिकारी नामदेव ने ले दिया है। ऐसे में भविष्य में अगर प्रो. नामदेव वित्तीय अधिकारों का प्रयोग करते है। तो उलझन खड़ी हो सकती है।
लगातार विवाद के चलते उलझे मक्कड़
प्रभारी प्राचार्य बीएस मक्कड़ के कार्यकाल में लगातार विवाद हो रहे है। उनकी प्रशासनिक नीतियों से भी कॉलेज के शैक्षणिक स्टाफ में आपसी गुटबाजी सामने आई है। सबसे बड़ा मुद्दा शिक्षकों के साथ हुई अभद्रता की घटना और एक छात्र यशवंत चौहान को कॉलेज से बर्खास्त करने का मामला है। इस प्रकरण में प्रभारी प्राचार्य बीएस मक्कड़ के उलझने की संभावना है। अपात्र कर्मचारियों को सातवें वेतन का लाभ देने का भी मामला उलझा हुआ है।
Published on:
03 May 2018 04:02 pm
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