
कोटा . कोटा में कई स्कूल संचालक विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं। स्कूलों में सुरक्षा के मापदंडों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन आए छह महिने से ज्यादा हो गए, लेकिन इसकी पालना नहीं की जा रही। इसका खुलासा बुधवार को बाल कल्याण समिति द्वारा दो स्कूलों में की जांच में हुआ।
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रेलवे कॉलोनी स्थित एक निजी स्कूल की जांच के दौरान समिति अध्यक्ष हरीश गुरुबक्शानी मय टीम सदस्यों ने प्रिसिंपल सिस्टर श्वेता से गाइडलाइन की पालना संबंधित जानकारी मांगी। गाइडलाइन के 38 बिन्दुओं में से 33 की पालना स्कूल में नहीं हो रही थी।
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हरीश गुरुबक्शानी ने बताया कि स्कूल में केवल सीसीटीवी कैमरे मिले। संतोषजनक रिकार्ड नहीं मिला। बालिका विद्यालय में महिला गार्ड नहीं थी। बस, मिनी बस, ऑटो का चालक-परिचालक का कोई विवरण व रिकॉर्ड नहीं मिला। विशेषज्ञ काउंसलर्स नहीं मिले। विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा संबंधी जानकारी के लिए कोई सूचना पटट् नहीं था। शिक्षकों के वेरिफि केशन के दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
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बुलाने के बाद भी नहीं आए प्रिंसिपल, किया पाबंद
समिति माला रोड स्थित एक निजी स्कूल भी पहुंची। वहां प्रिंसिपल नहीं मिले। प्रिंसिपल को निरीक्षण की सूचना स्कूल प्रशासन ने दी तब भी वह नहीं आए। समिति ने गुरुवार को सभी दस्तावेज लेकर उन्हें बाल कल्याण समिति कार्यालय में उपस्थित होने के लिए पाबंद किया। निरीक्षण के दौरान समिति सदस्य शुभा गुप्ता, सुनीता जैन, जिला बाल संरक्षण इकाई के संरक्षण अधिकारी दिनेश शर्मा व संजय मेहरा आदि मौजूद रहे। यह केवल एक ही नहीं कई स्कूलों का हाल है |
Published on:
03 May 2018 12:38 pm
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