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उज्जैन. चुनावी वर्ष में कांग्रेस के बड़े नेता एकजुटता और संगठन की आचार संहिता में रहकर कार्य करने का दावा कर रहे हैं वहीं स्थानीय स्तर पर पार्टी में फूट जारी है। हाल हुई कुछ ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति के साथ ही कांग्रेस में खुले रूप से विरोध शुरू हो गया है। नियुक्तियों के विरोध में एक दर्जन से अधिक मंडलम् व सेक्टर अध्यक्षों ने पद से सामूहिक इस्तीफा दे दिए हैं। इधर दूसरे गुट ने इस्तीफे की बात को भ्रामक जानकारी करार दिया है।
पीसीसी ने हाल में उज्जैन ग्रामीण, तराना व माकड़ौन ब्लॉक में अध्यक्षों की नियुक्ति की है। नियुक्ति को लेकर सोमवार को कांगे्रस के वासुदेव रावल के नेतृत्व में नवनियुक्त मंडलम् व सेक्टर अध्यक्षों ने टॉवर पर विरोध प्रदर्शन किया। रावल के अनुसार अभा कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार दीपक बाबरिया द्वारा मध्यप्रदेश में संगठनात्मक चुनावी प्रक्रिया के लिए राजेश पटेल को नियुक्त कर सेक्टर, मंडलम व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर बैठककर वरिष्ठ नेताओं व मैदानी कार्यकर्ताओं की रायशुमारी से संगठन विस्तारीकरण के लिए ६ महीने से प्रक्रिया चल रही थी। प्रचलित प्रक्रिया के आधार पर ही मंडलम् व सेक्टर में नियुक्तियां की गई थीं। ब्लॉक में भी इसी आधार पर नियुक्तियां होना थी। अचानक वर्तमान प्रक्रिया को दरकिनार कर पूर्व प्रक्रिया में किए गए गुटबाजी वाले निर्णय को उज्जैन के नेताओं द्वारा प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व को भ्रम में रखकर जिले के 3 ब्लॉकों में अध्यक्षों की नियुक्ति करवा दी गई है।
इन्होंने दिए इस्तीफे
रावल के अनुसार मंडलम अध्यक्ष राहुल पटेल, सतीश मरमट, मोहसिन पठान, केशव शर्मा, राहुल अखंड, अजयशंकर तिवारी, सुनील गोठवाल व सेक्टर अध्यक्ष हाकम कुमारिया, रवि आंजना, संजय आंजना, अशोक पटेल, अजीज पटेल, राजेश टेलर, शेरखान, कमल शास्त्री, तेजकरण बिलोनिया, पवन पाटीदार, रंजीत बोडाना, फरियाद भाई, लोकेश झांजोट, योगेन्द्र जैन, कमलेश वाडिया, सुभाष कोशकिया, अतीक पठान, नागेन्द्र सेन, मनमोहन श्रीवास्तव, रोहित सुनारिया, पप्पू पठान आदि ने पद से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इस्तीफा देकर राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को अपना विरोध जताया है।
रावल को पार्टी से निष्कासित करने की मांग
रावल ने नियुक्ति को लेकर विरोध किया है वहीं अब उन्हें पार्टी से निष्कासित करने की मांग भी उठ गई है। युवा इंका नेता कान्हा पटेल व उमेश वर्मा के अनुसार वासुदेव रावल द्वारा फर्जी तरीके से मंडलम सेक्टर अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की बात कही जा रही है, जो गलत है। किसी भी ग्रामीण मंडलम अध्यक्ष और सेक्टर अध्यक्ष ने इस्तीफे नहीं दिए हैं। उन्होंने रावल पर भाजपा के एजेंट के रूप में काम करने व ८ वर्ष से निष्क्रिय रहने का आरोप लगाया है। कान्हा पटेल के अनुसार मंडलम अध्यक्ष डॉ.़ शिव कुमावत, राहुल पटेल आकासोदा, उमेश वर्मा, राकेश दादु आदि ने रावल को पार्टी से निष्कासित करने की मांग की है।
Published on:
19 Jun 2018 06:00 am
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