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उज्जैन। आपात काल के दौरान जेल जाने वाले लोगों के लिए हाल ही में जिला प्रशासन की ओर से जारी पेंशन सूची पर विवाद खड़ा हो गया है। इस बार सूची में कुछ लोकतंत्र सेनानियों (मीसाबंदी) को एक महीने या उससे अधिक समय तक जेल में रहना पर 25 हजार रुपए पेंशन तो इससे कम अवधि के लोगों को 8 हजार रुपए पेंशन दिया जाना स्वीकृत किया है।
इसको लेकर मीसाबंदी में जेल में रहे भूपेंद्र दलाल ने आपत्ति जताई है। उन्होंने प्रमुख सचिव बसंत प्रताप सिंह व मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत सहित 18 लोग एक महीने से कम समय में जेल में रहे हैं बावजूद इसके 25 हजार रुपए पेंशन स्वीकृत कर दी गई, जबकि सभी लोग 13 से 18 दिन ही जेल में रहे हैं। इन्हीं की तरह में भी 13 दिन जेल में रहा लेकिन मुझे आठ हजार रुपए ही पेंशन स्वीकृत की गई। भूपेंद्र दलाल ने आरोप लगाया कि 25 हजार रुपए पेंशन स्वीकृत कराने वालों ने सिफारिश, तिकड़म और षड्यंत्र रचकर अपनी पेंशन 25 हजार करवा ली है जो अन्य मीसाबंदी के लिए अपमान है। उन्होंने समानता के सिद्धांत के आधार पर मामले की जांच करवाते हुए समान पेंशन दिए जाने की मांग की है।
भैरवगढ़ जेल के दस्तावेज सौंपे
मुख्य सचिव से की गई शिकायत में भूपेंद्र दलाल ने भैरवगढ़ जेल से मीसाबंदी के बंद होने की अवधि के दस्तावेज भी सौंपे हैं। वहीं मंत्री गेहलोत के पत्र की कॉपी, कलेक्टर द्वारा लिखे गए पत्र भी दिया है।
इन्हें स्वीकृत की 25 हजार पेंशन
प्रहलाद पिता विठ्ठल गुप्ता (18 दिन), हीरालाल पिता लखनशाह (18 दिन), राधेश्याम पिता सुंदरलाल मुंदड़ा (13 दिन), गणेश पांडूरंग केलकर (16 दिन), कांतिलाल पिता बसंतीलाल नागर (16 दिन), कैलाश पिता शंकरलाल (16 दिन), बसंत आबाजी बोरकर (13 दिन), मानमल पिता मोहनलाल जैन (13 दिन), कैलाश पिता शंभुदयाल देवल (13 दिन), जगदीश पिता गंगाराम (13 दिन), गुलाब पिता माणिकराव बाघमरे (13 दिन), अवधेश पिता कृष्ण स्वरुप भटनागर (13 दिन), रमेश पिता रामलाल जाट (13 दिन), सुरेश पिता लक्ष्मण भांड (13 दिन), भगवान पिता रामनाराण (13 दिन), थावरचंद पिता रामलाल गेहलोत (13 दिन), रघुवीरपिता हरिसिंह (13 दिन), देवनारायण पिता उमरावसिंह (13 दिन)।
शासन ने बदले थे नियम
मीसाबंदी को लेकर मंत्री गेहलोत की अवधि को लेकर उठे विवाद के बाद राज्य शासन ने नियम बदल दिए थे। इसमें एक महीना या उससे ज्यादा रहने वालों को 25 हजार, इससे कम को 8 हजार रुपए पेंशन दिए जाने का प्रावधान किया गया था। वहीं सेनानियों की विधवा को आधी पेंशन दिया जाना है।
Published on:
30 May 2018 09:20 pm
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