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विवाह मंडप की तरह सजा महाकाल का दरबार

महाकालेश्वर के दरबार की साज-सज्जा विवाह मंडप की तरह की गई है। पूरा परिसर रोशनी में नहाया हुआ है

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उज्जैन. शहर में महाशिवरात्रि पर्व १३ फरवरी को धूमधाम से मनाया जाएगा। शिव पार्वती के विवाह के इस दिन को आस्था और उल्लास के साथ मनाने के लिए राजाधिराज महाकालेश्वर के दरबार की साज-सज्जा विवाह मंडप की तरह की गई है। पूरा परिसर रोशनी में नहाया हुआ है।
बाबा महाकाल ने उमा-महेश स्वरूप में दिए दर्शन
शिवनवरात्रि के दौरान बाबा महाकाल का प्रतिदिन विशेष शृंगार किया जा रहा है। रविवार सायं पूजन के बाद भक्तों ने भगवान महाकाल के उमा-महेश स्वरूप में दर्शन किए। सुबह पुजारी घनश्याम शर्मा के आचार्यत्व में ब्राह्मणों द्वारा एकादश-एकादशनी रुद्रपाठ से अभिषेक किया।
शाम को पूजन के बाद बाबा महाकाल को नवीन वस्त्र धारण करवाए गए। भगवान महाकालेश्वर का शृंगार कर मुकुट, दुपट्टा, मुंड माला एवं फलों की माला धारण कराई गई।
निगम ने बनाए छह कंट्रोल रूम
उज्जैन। महाशिवरात्रि पर्व के मद्देनजर बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधार्थ नगर निगम ने छह कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। सोमवार दोपहर बाद से ये अस्तित्व में आ जाएंगे। यहां निगम कर्मी महाकाल पहुुंचने के मार्ग व दर्शन व्यवस्था संबंधी जानकारी देंगे। पिछली बार नागपंचमी पर भी ऐसी व्यवस्था की गई थी।
1 भारत माता मंदिर के पीछे, प्रभारी उमाशंकर मिश्रा, ९826626962
2. चारधाम मंदिर के पास प्रभारी रमेश रघुवंशी 9406801069
3. नृसिंहघाट - प्रभारी मुश्ताक एहमद 9406801066
4. हरसिद्धि की पाल- प्रभारी कैलाश सिन्हा 9754797967
5. रेल्वे स्टेशन- प्रभारी रामकुमार सारवान 9229542699
6. देवास गेट बस स्टैंड 9229542699

महाशिवरात्रि पर सिटी बस फ्री सफर
महाशिवरात्रि के मद्देनजर सोमवार देर रात से 13 और 14 फरवरी को महाकाल मंदिर तक के लिए सिटी बस का संचालन फ्री में होगा। कलेक्टर के निर्देश पर यूसीटीएसएन ने ये व्यवस्था की है।

बाबा महाकाल ने उमा-महेश स्वरूप में दिए दर्शन
शिवनवरात्रि के दौरान बाबा महाकाल का प्रतिदिन विशेष शृंगार किया जा रहा है। रविवार सायं पूजन के बाद भक्तों ने भगवान महाकाल के उमा-महेश स्वरूप में दर्शन किए। सुबह पुजारी घनश्याम शर्मा के आचार्यत्व में ब्राह्मणों द्वारा एकादश-एकादशनी रुद्रपाठ से अभिषेक किया।
शाम को पूजन के बाद बाबा महाकाल को नवीन वस्त्र धारण करवाए गए। भगवान महाकालेश्वर का शृंगार कर मुकुट, दुपट्टा, मुंड माला एवं फलों की माला धारण कराई गई।

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