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उज्जैन. चुनावी दंगल में स्टार प्रचारकों की अपनी अलग भूमिका है। इनकी छवि व नाम के आकर्षण के आधार पर मतदाताओं को रिझाने के लिए भाजपा-कांगे्रस दोनों ही दलों ने अपने स्टार प्रचारकों की सभा के लिए लाबिंग शुरू कर दी है। पार्टी सभा के लिए एेसे स्थान की तलाश में है, जहां से प्रत्याशी को अधिक फायदा मिले। भाजपा में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, हेमा मालिनी, हाल ही में भाजपा में आए सनी देओल तो कांग्रेस में प्रियंका गांधी, नवजोतसिंह सिद्धू व हाल ही में कांग्रेस में आए शत्रुघ्न सिन्हा की डिमांड अधिक है। इसके अलावा पार्टी के शीर्ष नेताओं कि भी सभा कराने के लिए भी क्षेत्रीय वरिष्ठ नेता प्रयासरत है।
चुनावी बिसात पर मोहरें जम चुके
चुनावी बिसात पर मोहरें जम चुके हैं, लेकिन शह-मात के खेल में अब कई तरह के दांव-पेंच अजमाए जाएंगे। इसके लिए दोनों ही दल आकर्षण वाले स्टार प्रचारकों की सभाएं अपने क्षेत्र में कराना चाह रहे हैं। उज्जैन-आलोट क्षेत्र में आठ विधानसभा है। दोनों ही दलों का प्रयास है कि प्रत्येक विधानसभा में एक बड़े नेता की सभा हों ताकि पूरे क्षेत्र में इसका प्रभाव पड़े ओर पार्टी के पक्ष में माहौल बनें। फिलहाल किसी स्टार प्रचारक का कार्यक्रम तय नहीं हुआ है, लेकिन जिन क्षेत्रों में चुनाव हो चुके हैं। वहां से निपटने के बाद इन प्रचारकों को उज्जैन व आसपास सभा के लिए लाया जाएगा।
क्षेत्रीय चेहरों में इनकी भी मांग
भाजपा - पूर्व सीएम शिवराजसिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, भाजपा महासचिव कैलाश वियजवर्गीय आदि
कांग्रेस - सीएम कमलनाथ, पूर्व सीएम दिग्विजयसिंह चौहान, सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, खेल मंत्री जीतू पटवारी आदि।
मतदाताओं पर इस तरह का मनोवैज्ञानिक असर
- स्टार प्रचारकों की चुनाव में अपनी अलग भूमिका रहती है।
- जब इनकी सभाएं होती हैं तो मौजूद भीड़ के मान से लोग अपना विजन बनाते हैं।
- प्रचारकों के डायलॉग व बयानबाजी से पार्टी के पक्ष व विरोधी पार्टी के खिलाफ माहौल बनता है।
- अभिनेता व अभिनेत्रियों की सभा ग्रामीण क्षेत्र में होने पर वहां के मतदाता खासें प्रभावित होते हैं।
- जातिगत वोट बैंक पर भी वर्ग विशेष के नेता प्रभाव डालते हैं। संबंधित नेता की पृष्ठभूमि से स्थल चयन।
- राजनीति जानकारों का मानें तो स्टार प्रचारकों की सभाएं मतदाताओं पर मनोवैज्ञानिक छाप डालती है।
- हालांकि अधिक सभाएं कराने पर प्रत्याशी को खर्चे का हिसाब-किताब पेश करने में भी दिक्कत आती है।
Published on:
28 Apr 2019 07:45 am
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