
Mahakal temple
उज्जैन। भगवान महाकाल के दरबार में दानदाता आए दिन मुक्त हस्त से भेंट स्वरूप दान करते हैं। यह दान पुजारी-पुरोहितों और मंदिर से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों की प्रेरणा से भक्तों द्वारा किया जाता है। अब मंदिर समिति ऐसे दान दाताओं की सूची बनाएगी, जिन्होंने एक लाख या उससे अधिक का दान किया हो। प्रबंध समिति की हाल ही में हुई बैठक में इस बिंदु पर चर्चा हुई।
सदस्यों और अधिकारियों ने कलेक्टर आशीष सिंह को विस्तृत जानकारी दी। कलेक्टर ने हालांकि इस बिंदु पर अधिक गौर नहीं किया, लेकिन मंशा यही थी कि मंदिर में दान-दाताओं व उनके परिवार को वीआइपी सुविधा मुहैया कराई जाए। यह योजना कब से क्रियान्वित होगी, फिलहाल तय नहीं हुआ है।
कल से चलित दर्शन का शुरू होगा ट्रायल
भगवान महाकाल के आंगन में आने वाले उन भक्तों के लिए आशाभरी खबर है, जिन्हें ऑनलाइन या ऑफलाइन भस्मारती की अनुमति नहीं मिली है। इन आस्थावान के लिए चलित दर्शन की व्यवस्था की जा रही है। मंदिर प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ ने बताया कि महाकाल मंदिर में सोमवार से एक सप्ताह के लिए गैर पंजीयनधारी श्रद्धालुओं को भी भस्म आरती में प्रवेश दिया जाएगा। फिलहाल व्यवस्था प्रायोगिक रूप में प्रारंभ की जा रही है।
दान दाताओं और परिवारों को दे सकते हैं सुविधा
मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में जिस तरह विचार-विमर्श हुआ, उसके आधार पर मंदिर में एक लाख या उससे अधिक राशि अथवा अन्य सामग्री देने वाले दान दाताओं की सूची बनाई जाएगी। उनके या उनके परिजन के मंदिर आगमन पर वीआइपी दर्शन, ठहरने की व्यवस्था सहित अन्य सुविधाओं पर विचार किया गया।
Published on:
12 Jun 2022 01:29 pm
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