
उज्जैन. महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं को ड्रेस कोड का पालन करना होगा। मंदिर के गर्भगृह में भक्त मोजे, चमड़े का बेल्ट पहन कर नहीं जा सकेंगे। इसके साथ ही मंदिर में पर्स और मोबाइल ले जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। 1500 रुपए की रसीद लेकर दर्शन करने वाले भक्तों के लिए मंदिर समिति ने ये नियम लागू किए हैं। समिति ने कहा कि नियम का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल के गर्भ गृह में प्रवेश बंद रहने के दौरान 2 श्रद्धालुओं को 1500 की रसीद पर ड्रेस कोड पालन की शर्त के साथ प्रवेश दिया जात है। मंदिर की परंपरा के अनुसार गर्भगृह में प्रवेश के दौरान पुरुषों के लिए धोती, सोला और बनियान पहनना चाहिए. इधर महिला श्रद्धालुओं के लिए साड़ी पहनने का प्रावधान है.
हालांकि श्रद्धालु इसका पालन नहीं करते और अन्य वस्त्र धारण कर गर्भगृह में प्रवेश कर लेते हैं। ऐसे लोगों पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रवेश बंद के दौरान गर्भगृह में जाने वाले श्रद्धालु न केवल ड्रेस कोड का पालन नहीं करते बल्कि अन्य नियमों की भी धज्जियां उड़ा रहे हैं। मंदिर प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ ने बताया कि समिति को ऐसी लगातार शिकायत मिल रहीं हैं। महाकाल मंदिर में नियमों का पालन नहीं करने के कारण अब कठोर कदम उठाए जाएंगे।
श्रद्धालु ड्रेस कोड का पालन नहीं करने के अलावा गर्भगृह में मोजे पहनकर चले जाते हैं. इसके साथ ही कई भक्त चमड़े का बेल्ट पहनकर अंदर चले जाते हैं और साथ में पर्स, मोबाइल भी ले जाते हैं। इसे लेकर अब मंदिर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है. शुक्रवार को बाकायदा आदेश जारी कर ड्रेस कोड का नियमानुसार पालन करने को कहा है।
Published on:
12 Mar 2022 09:28 am
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