
cm mohan yadav met with protesting farmers) (फोटो- मोहन यादव फेसबुक हैंडल)
Fourlane Road Construction: उज्जैन-इंदौर ग्रीन फील्ड फोरलेन रोड निर्माण का मुद्दा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से किसानों के मिलने के बाद खत्म हो गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने योजना में किसान हित को सर्वोपरि बताते हुए इसे इस फोरलेन को एलिवेटेड की जगह जमीन के लेवल पर ही बनाने की घोषणा की है। प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा भी दिया जाएगा। उज्जैन-इंदौर व उज्जैन जावरा ग्रीन फील्ड कॉरिडोर की योजना थी। इसमें धरातल से 15 से 20 फीट ऊपर फोरलेन निर्माण होना था। (MP News)
इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर में उज्जैन के 7 और इंदौर के 21 गांव प्रभावित हो रहे थे, वहीं उज्जैन-जावरा के प्रोजेक्ट में उज्जैन के 53 और रतलाम जिले के 9 गांवों के किसान प्रभावित हो रहे थे। दोनों मार्गों के प्रभावित किसान एक-डेढ़ वर्ष से इन प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे थे। वे सड़क की ऊंचाई कम करने और मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग कर रहे थे। बुधवार को उज्जैन में एक हजार से अधिक किसानों के अनिश्चितकालीन धरना देने की भी तैयारी थी। सुबह कलेक्टर से चर्चा के बाद शाम करीब 30 किसानों प्रतिनिधि मंडल की भोपाल में मुख्यमंत्री के साथ बैठक हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेट्रोपॉलिटन सिटी इंदौर-उज्जैन भविष्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा। इस नाते इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड फोर लेन प्रोजेक्ट भी किसानों के हित में उनके सुझाव के अनुरूप एलिवेटेड नहीं जमीनी स्तर पर बनाया जाएगा। जिन किसानों की भूमि प्रभावित होगी, उन्हें उचित मुआवजा देने के लिए शासन-प्रशासन प्रतिबद्ध है। घोषणा के बाद किसानों ने मुख्यमंत्री का आभार मान उनका स्वागत-सम्मान किया। किसान राजेश सोलंकी ने बताया, मुख्यमंत्री ने हमारी दोनों मांगें मानते हुए आश्वस्त किया है। इसके बाद अब सड़क निर्माण को लेकर किसी प्रकार का विरोध नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा मप्र सड़क विकास निगम के माध्यम से 2935.15 करोड़ की परियोजना के अंतर्गत क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 2 जिलों के 28 ग्रामों को नया स्वरूप व जनसुविधा देने फोरलेन बनाएंगे। उन्नत संरचना के अंतर्गत इंदौर-उज्जैन के मध्य 2 स्थानों वेस्टर्न रिंग रोड और उज्जैन बदनावर मार्ग क्रॉसिंग पर वृहद जंक्शन का प्रावधान है। परिवहन तेज व सुरक्षित रहे इसके लिए प्रत्येक टोल प्लाजा पर आवश्यक प्रबंध भी होंगे।
डॉ. यादव ने कहा इंदौर-उज्जैन के इस पुराने मार्ग से जानापाव आने-जाने के लिए भी परिवहन होता रहा है। पूर्व के वर्षों में मार्ग के संकुचित होते जाने से जो दुर्घटनाएं होती रही, सिलसिला अब थम जाएगा। आगामी सिंहस्थ को देखते हुए यह परियोजना बड़ी जनसंख्या को लाभान्वित करेगी। प्रदेश में सड़क अधोसंरचना को सशक्त करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। (MP News)
Updated on:
26 Feb 2026, 3:00 AM IST
Published on:
26 Feb 2026, 3:00 AM IST
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