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इस्को पाइप फैक्टरी : लोकायुक्त ने खोली जमीन धांधली की फाइल…

इस्को पाइप फैक्टरी की जमीन नामांतरण व शुल्क वसूली में हुई धांधली की फाइल लोकायुक्त पुलिस ने फिर से खोली है।

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लोकायुक्त

उज्जैन. दिल्ली की कंपनी अजर इंटरप्राइजेस को उज्जैन विकास प्राधिकरण की ओर से इस्को पाइप फैक्टरी की जमीन नामांतरण व शुल्क वसूली में हुई धांधली की फाइल लोकायुक्त पुलिस ने फिर से खोली है। प्राधिकरण अफसरों पर आरोप है कि जमीन देने की प्रक्रिया में नियमों को पालन नहीं करने से शासन को करीब १.८० करोड़ रुपए की आर्थिक हानि पहुंची है। लोकायुक्त ने अब प्राधिकरण को पत्र लिखकर जमीन से जुड़े दस्तावेज, प्रकिया में शामिल अधिकारियों के नाम और नियमों सहित अन्य जानकारियां तलब की हैं।

इस्को पाइप फैक्टरी की जमीन को लेकर लोकायुक्त पुलिस २०१६ में ही शिकायत दर्ज कर चुकी थी। बीते सालों में इस मामले में धीमी गति से कार्रवाई हुई। वहीं अब यह फाइल लोकायुक्त के डीएसपी वेदांत शर्मा के पास आई है। इसके बाद से जमीन धांधली की फाइल दोबारा से खोलते हुए यूडीए से पत्राचार शुरू किया गया है। दरअसल अजर इंटरप्राइजेस को प्राधिकरण अफसरों द्वारा जमीन नामांतरण, रजिस्ट्री शुल्क की गणना सहित जमीन देने की प्रक्रिया में लापरवाही बरतने तथा नियमों के विरुद्ध कार्रवाई करने के आरोप लगे हैं। हाइकोर्ट ने भी यूडीए की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए अफसरों की कार्यप्रणाली को कटघरे में भी खड़ा किया था।
यह लगे थे धांधली के आरोप

- यूडीए जमीन ट्रांसफर पर तीन फीसदी राशि लेता है। अधिकारियों ने इस राशि का निर्धारण २०११-१२ की बजाय २००८ की गाइड लाइन से किया, जबकि नियम यह है कि जिस वर्ष नामांतरण होता है उसी वर्ष की गाइड लाइन से राशि ली जाना चाहिए थी। चार वर्षों में यह राशि का अंतर ही ३५-४० लाख रुपए आता है।
- अजर इंटरप्राइजेस ने यूडीए को बगैर सूचना दिए ही रजिस्ट्री करवा ली। व्ययन नियमानुसार इसमें ५ प्रतिशत पेनल्टी वसूलने का प्रावधान है। अफसरों ने तय समय पर कार्रवाई नहीं की।

- अजर इंटरप्राइजेस को जमीन देने में अफसरों ने जल्दबाजी दिखाई। कंपनी ने जिस दिन रुपए रुपए जमा करवाए उस दिन एनओसी जारी कर दी, जबकि एनओसी १५ दिन से पहले नहीं दी जाती।
इनका कहना

इस्को पाइप फैक्टरी की जमीन गड़बड़ी में दर्ज शिकायत पर यूडीए को पत्र लिखा है। इसमें जमीन पर लीज, नामांतरण शुल्क, रजिस्ट्री व इस प्रकिया में शामिल अधिकारियों की जानकारी मांगी है।
- वेदांत शर्मा, डीएसपी, लोकायुक्त