
यहां का पानी ऐसा... कपड़े धोने पर ही महिलाओं का होता ये हाल
उज्जैन. नानाखेड़ा क्षेत्र में भारी पानी को लेकर कृष्णापार्क कॉलोनी के रहवासी सबसे ज्यादा त्रस्त है। क्षेत्र के पानी में टीडीएस २५०० तक है। इतने भारी पानी पीना तो दूर क्षेत्रवासी नहाने और रोजमर्रा के कामों में उपयोग करने में भी डरते हैं। महिलाएं बता रही है इस पानी में कपड़े या बर्तन भी साफ करते हैं तो हथेलियों में चर्म रोग हो जाता है। हथेलियों से सफेद दाग तो चमड़ी से परत निकलने लगती है। यही नहीं शुरुआत में पानी पीने से कॉलोनी में बड़ी संख्या में लोग पथरी की समस्या से पीडि़त हो गए हंै। हालांकि अब जानलेवा पानी से बचने के लिए दूसरी जगह से मीठा पानी लाने को विवश है। खराब पानी से गुस्साए रहवासियों का कहना है कि उन्होंने साफ पानी के लिए विधायक- महापौर से कई बार गुहार की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
चुनाव में सिखाएंगे सबक
साफ पानी नहीं मिलने से कृष्णा पार्क के रहवासी इतने नाराज है कि वे अब चुनाव में नेताओं को सबक सिखाने की बात कह रहे हैं। पत्रिका से चर्चा में रहवासियों का कहना है कि पिछली बार चुनाव में कॉलेनी के ३५ वोट थे सभी वोट भाजपा को डाले थे। इस बार कॉलोनी में १५०० के लगभग वोट हैं। यदि शुद्ध पेयजल की समस्या खत्म नहीं होती है तो विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव और फिर निगम चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
कॉलोनी: कृष्णा पार्क
मकानों की संख्या: लगभग ३००
जनसंख्या: लगभग १५००
पानी में टीडीएस: २२०० से २५००
महापौर और उनके पति इस क्षेत्र से पार्षद रहे हैं, अब भी भाजपा के पार्षद हैं नगर निगम में बोर्ड भी भाजपा का है प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकार है, फिर भी हमारे क्षेत्र में २० साल से शुद्ध पेयजल के लिए रहवासी तड़प रहे हैं, अक्सर घरों में पथरी के मरीज मिल जाएंगे। यह जनप्रतिनिधियों की अकर्मण्यता है।
- महेश यादव, कृष्णापार्क कॉलोनी
पानी में इतना खार रहता है कि टंकियों में मोटी परत जम जाती है अगर इस पानी को हम पीते हैं तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यह हमारे पेट को कितना नुकसान पहुंंचा रहा है। हम तो परेशान हो गए अबकी बार हम चुनाव का बहिष्कार करेंगे पर जनप्रतिनिधियों को कॉलोनी में नहीं आने देंगे।
- महेन्द्र चौहान, कृष्णा पार्क
वैकल्पिक नहीं हमें साफ पानी का स्थायी समाधान चाहिए
नगर निगम की ओर से नानाखेड़ा क्षेत्र की कॉलोनियों में साफ पानी के लिए ६.५० करोड़ के बनाए प्रस्ताव का क्षेत्रवासियों ने स्वागत तो किया है लेकिन वैकल्पिक इंतजाम को लेकर नाराजगी जताई है। संघर्ष समिति के रवि भूषण श्रीवास्तव का कहना है निगम नानाखेड़ा क्षेत्र की सभी कॉलोनियों में लाइन डालकर पेयजल आपूर्ति करें। पानी की वैकल्पिक व्यवस्था तो हम कर ही रहे हैं। साफ पानी के लिए पिछले १५ सालों से संघर्ष कर रहे हैं अगर अब भी जनप्रतिनिधि हमें वैकल्पिक व्यवस्था देना चाहते हैं तो हमें इसकी जरुरत नहीं है। हम स्थाई समाधान चाहिए ताकि कॉलोनी के हर परिवार को शुद्ध पेयजल मिले। बता दें कि निगमायुक्त विजय कुमार जे के साथ क्षेत्रीय विधायक मोहन यादव व जलकार्य समिति प्रभारी ने शनिवार को हुई बैठक में क्षेत्र में वैकल्पिक रूप से मोबाइल आरओ व पानी के टैंकर चलाने के सुझाव दिए थे।
परिवार में पथरी हो चुकी है, डॉक्टर का कहना है कि बोरिंग का पानी पीना बंद करो, अब अगर बोरिंग का पानी पीना बंद कर दें तो आखिर पानी कहां से लाएं। मजबूरी है। इस बार हम चुनाव का बहिष्कार करेंगे और किसी को भी वोट नहीं देंगे।
- सविता द्विवेदी, गृहिणी,
पानी की समस्या बता बता कर थक गए पर किसी का भी ध्यान नहीं है इस बार हम चुनाव में नेताओं पर ध्यान नहीं देंगे और न ही वोट देंगे तब इन्हें हमारी ताकत समझ आएगी। ये सिर्फ चुनाव के समय हमे याद करते हैं बाद में भूल जाते हैं।
सविता द्विवेदी, गृहिणी
हमारे पास की लोहार पट्टी में पीएचई की पाइप लाइन है वहां नल भी आते हंै हम सभी टैक्स सरकार को देते हैं फिर भी शुद्ध पानी के लिए तरस रहे हैं। इस बार हम नेताओं को वोट के लिए तरसा देंगे।
- पुष्पा यादव, गृहिणी कृष्णापार्क

Published on:
26 Nov 2017 08:59 pm
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