
यहां भांग के बिना अधूरी मानी जाती है होली, सभी पर चढ़ता है शिवजी की बूटी का रंग
उज्जैन. जिस तरह होली के त्योहार की रंगों के बिना कल्पना नहीं की जा सकती, ठीक उसी तरह मध्य प्रदेश के मालवांचल में स्थित धर्मनगरी उज्जैन में भांग के बिना होली की कल्पना करना संभव नहीं है। यहां होली पर्व पर भांग की दुकानों पर काफी भीड़ उमड़ती है। मालवा में होली को लेकर भांग की मिठाई, सेव सहित कई व्यंजन भी बनाए जाते हैं।
भगवान महाकाल की नगरी में शिव जी की बूटी यानी भांग का विशेष महत्व है। सबसे खास बात यह है कि, देशभर में उज्जैन सहित मालवांचल की भांग खासा लोकप्रीय है। होली के पर्व पर भांग की बिक्री में दोगुनी बढ़ोतरी हो जाती है। साथ ही, होली पर भांग की दुकानों पर सजी मिठाईयों को भी भांग मिलाकर बनाया जाता है। भांग घोटा संचालक केतन माहेश्वरी के अनुसार, अगर भांग का सेवन थोड़ी मात्रा में किया जाए तो वो औषधि के रूप में कार्य करती है। जबकि अधिक मात्रा में भांग नशे के रूप धारण कर लेती है।
15 दिन पहले से शुरु हो जाती है होली की तैयारी
होली पर्व को लेकर भांग घंटे पर 15 दिन पहले से तैयारियां शुरु हो जाती हैं। यहां पर भांग की मिठाई, भांग के सेव, भांग की रबड़ी, भांग का दूध आदि चीजें खासा लोकप्रीय है।भांग घोटा संचालक के अनुसार, महंगाई के इस दौर में भांग की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। कुछ साल पहले जो भांग की गोली मात्र 5 रुपए में आती थी, मौजूदा समय में उसकी कीमत 20 रुपए हो गई है।
इन चीजों में मिलाकर ली जाती है भांग
भांग के शौकीन इसका सेवन अलग-अलग चीजों के साथ किया जाता है। कोई दूध और ठंडाई के साथ इसका सेवन करता है, जबकि कोई रबड़ी और फलों के रस में मिलाकर भांग पीता है। भांग को शिकंजी मिलाकर भी पिया जाता है। अगर भांग के ग्लास की बात की जाए तो यह 25 रुपए से लेकर 200 रुपए तक होती है। मालवांचल भांग के जितने व्यंजन तैयार किए जाते हैं, वो भी भांग प्रेमियों को खासा आकर्षित करते हैं।
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Published on:
18 Mar 2022 12:17 pm
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