5 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दूसरों के घर रोशन, खुद के नसीब में अंधेरा

दीपावली पर हमारे घरों में रोशनी हो, इसके लिए एक माह पहले से जुटता है पूरा परिवार

2 min read
Google source verification
दूसरों के घर रोशन, खुद के नसीब में अंधेरा

दीपावली पर हमारे घरों में रोशनी हो, इसके लिए एक माह पहले से जुटता है पूरा परिवार

इनकी उम्मीद के दीपक आखिर कब होंगे रोशन...

उज्जैन। हमारे घर-आंगन रोशनी से जगमगा सकें, इसलिए कुम्हार परिवार एक माह पहले से मिट्टी के दीपक बनाना शुरू कर दते है। जैसे-जैसे त्योहार नजदीक आता है, वैसे-वैसे उनकी उम्मीद के दीए रोशन होने लगते हैं। मन में यही भाव रहता है कि अब हमारी भी दिवाली मनेगी।
आधुनिक दौर की चकाचौंध में लोग अपने घरों में पूजा के दौरान परंपरा निभाते हुए मिट्टी के सिर्फ 5 दीपक जलाते हैं, लेकिन घर का ऐसा कोई कोना नहीं छोड़ते, जहां सीरीज और छोटे वल्ब की लडिय़ां नहीं लगाई हों। ऐसे में परंपरा का तो निर्वाह हो जाता है, लेकिन क्या एक बार भी उन हाथों के बारे में सोचा जो दिन-रात मेहनत के बाद दीपक बनाकर सड़क पर चटाई बिछाकर इन्हें इस उम्मीद में बेचते हैं, कि कोई खरीदे, ताकि हम भी दीवाली मना सकें।
मेहनत ज्यादा, कमाई कुछ नहीं
मेट्रो टॉकिज के समीप सड़क पर दुकान लगाए बैठे एक परिवार से जब चर्चा की, तो उन्होंने बताया कि पहले मिट्टी लाकर उसका चूरा करते हैं, छानते हैं, गलाते हैं, लुग्दी के साथ तैयार करते हैं, फिर चॉक पर रखकर दीपक बनाकर उन्हें सुखाते हैं, फिर आग में तपाते हैं और आखिर में गेरू से रंग देते हैं...तब जाकर दीपक तैयार होते हैं। बाजार में 10 रुपए के 10 या 15 दीपक बेचते हैं। इसमें मेहनत ज्यादा होती है, लेकिन कमाई कुछ नहीं।
बाहर से मंगाते हैं डिजाइनर दीपक
ट्रेंड बदलने के साथ परंपरागत दीपकों की पूछपरख कम होने लगी है। लोग सजावटी और डिजाइनर दीपक अधिक पसंद करने लगे हैं। इसके चलते इंदौर या अन्य बड़े शहरों से डिजाइनर दीपक मंगाए जाते हैं, जिसकी कीमत सामान्य दीयों से अधिक होती है।

तीन दिन बाद बरसात के आसार

अरब सागर पर बने कम दबाव के क्षेत्र और चक्रवात के कारण मौसम के मिजाज बदल गए हैं। इन सिस्टम के कारण वातावरण में बढ़ी नमी से बादल छा गए हैं। कई स्थानों पर बरसात-बूंदाबांदी होने लगी है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक तीन बाद बरसात के आसार है और इस का असर दीपावली पर्व हो सकता है। मौसम साफ होने पर वातावरण में ठंड का असर बढ़ेगा। अरब सागर और उप्र पर बने सिस्टम के अलावा एक द्रोणिका लाइन अरब सागर से विदर्भ तक है। सिस्टम के अगले 24 घंटे में अबदाब के क्षेत्र में तब्दील होने की संभावना है। इस वजह से मप्र में बादल छा गए हैं और कहीं-कहीं बरसात हो रही है। वातावरण में नमी काफी होने से अभी दो दिन तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान विशेषज्ञ गोविंद राय के अनुसार उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में आने वाले तीन-चार दिन तक धूप छांव बनी रहेगी, लेकिन बाद के दो तीन दिन में हल्की बारिश, बूंदाबांदी की संभावना है। इसका असर दीपावली पर हो सकता है।