बाबा कालभैरव एकमात्र ऐसे देवता हैं, जिन्हें मदिरा का भोग लगता है। मंदिर के बाहर दुकानों पर शराब की बोतलें आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं। इन्हें लेकर भक्त जब मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचते हैं, तो वे अपने सामने बाबा को मदिरा का भोग लगाते देख अचरज से भर जाते हैं।