उज्जैन. पुरोहित समिति द्वारा धनतेरस पर भगवान महाकाल का विशेष पूजन किया गया। आरती के बाद भगवान पर चांदी के सिक्के न्योछावर किए गए। महाकाल मंदिर में सोमवार को धनतेरस से दीपोत्सव की शुरुआत हुई। नंदी हॉल में पुजारी, पुरोहित समिति द्वारा मंत्रोच्चार के साथ राजाधिराज महाकाल, कुबेर, लक्ष्मी का पूजन किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर मनीष सिंह, प्रशासक अभिषेक दुबे, सहायक प्रशासनिक अधिकारी दिलीप गरुड़ आदि मौजूद थे। शहर में हर पर्व की शुरुआत राजा महाकाल के आंगन से होती है। इसके बाद शहरभर में पर्व की शुरुआत होती है। दीपोत्सव की शुरुआत भी भगवान के आंगन से हुई। इसमें धनतेरस से गोवर्धन पूजन परंपरागत तरीके से किया जाएगा। रूप चौदस पर भगवान महाकाल का रूप निखारने के लिए उबटन से स्नान कराया जाएगा। दीपावली पर तड़के भस्मआरती, संध्या तथा रात्रि को शयन आरती में दीपों और फूलझड़ी के साथ होगी। महाकाल मंदिर में प्रत्येक त्योहार एक दिन पहले मनाया जाता है। महाकाल मंदिर के पुजारी प्रदीप गुरु ने बताया कि 6 नवंबर को रूप चौदस पर महाकाल मंदिर में देव दीपावली मनेगी।