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उज्जैन. आचार्य सुंदरसागर महाराज के सानिध्य में वेदी प्रतिष्ठा का तीन दिवसीय महोत्सव मंगलवार से प्रारंभ हुआ था, जिसका गुरुवार को समापन हुआ। समापन बेला में घट यात्रा जुलूस निकाला गया, जिसमें 108 धर्म ध्वजा, 6 दिगंबर संत, 8 माताजी का ससंघ और हाथी-घोड़े तथा बग्घी के साथ सैकड़ों महिला-पुरुष यात्रा में शामिल हुए।
वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत
वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत प्रात: मंगल बेला प्रारंभ होते ही सौभाग्यवती स्त्रियां हाथों में कलश लेकर जल भरने के लिए मंगल गीत गाते हुए चलीं। उनके साथ भक्तों ने जिनेन्द्र प्रभु को पालकी पर विराजमान करके जयघोष करते हुए गमन किया। गुरुदेव आचार्य सुंदरसागर महाराज ससंघ घटयात्रा में सम्मिलित हुए। दिगंबर जैन मंदिर बोर्डिंग से आरंभ होकर यात्रा पुन: परिसर में पहुंची। वहां समाज महिलाओं ने मंडप के चारों ओर परिक्रमा लगाकर कलशों के जल से मंडप शुध्दि की। शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर बोर्डिंग के अध्यक्ष इंदरचंद जैन एवं दिगंबर जैन समाज के सचिव सचिन कासलीवाल के अनुसार जिनेन्द्र भगवान की शोभायात्रा में समाजजन शामिल हुए। आयोजन में सुनीलकुमार जैन ट्रांसपोर्ट, महेशकुमार जैन दशहरा मैदान, पारसचंद मानकुंवर पाटोदी आदि ने ध्वजारोहण व महाआरती के साथ वेदी प्रतिष्ठा कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
सबको नहीं मिलता आराधना का सौभाग्य
इस अवसर पर आचार्य सुंदरसागर महाराज कहा कि जिनेंद्र भगवान की आराधना करने का अवसर बहुत सौभाग्यशाली व्यक्तियों को प्राप्त होता है। जो जीव पूजा और दान के माध्यम से अपनी भावनाओं को अपनी वस्तु को प्रभु चरणों में अर्पित करते हैं, उनकी सामथ्र्य कम हो तो शुभ भावनाओं के बल से जितना दान देते हैं, संपत्ति उतनी ही बढ़ती जाती है। इसलिए शुभ कार्यों में दान देने से धन घटता नहीं, अपितु बढ़ता ही जाता है। प्राणियों को सदैव ऐसे अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। इसके पश्चात कार्यक्रम संचालक एवं प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी आशीष भैया के निर्देशन में वेदी की शुध्दि की गई। मध्यान्ह बेला में योगमंडल विधान द्वारा मुनिराजों की आराधना एवं विभिन्न देवी देवताओं का आव्हान किया गया। महाआरती के पश्चात गुरुभक्ति एवं प्रश्नमंच का आयोजन किया गया।
वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव में गूंजे मंगलाष्टक मंत्र
जैन बोर्डिंग फ्रीगंज स्थित मंदिर परिसर में आचार्य सुंदरसागर महाराज के सान्निध्य में आयोजित वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार की मंगलाष्टक के साथ आराधना के क्रम में अर्हन्त सिद्ध एवं आचार्य की अर्चना की गई। इसके बाद वास्तु विधान का आयोजन वेदी एवं शिखर पर किया गया। शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर बोर्डिंग के अध्यक्ष इंदरचंद जैन एवं दिगंबर जैन समाज के सचिव सचिन कासलीवाल ने बताया, महोत्सव में जिनाभिषेक के बाद विश्व में शांति के लिए शांतिधारा का आयोजन हुआ। इस अवसर पर अनंतप्रकाश सिंघई, कमलकुमार कासलीवाल, तेजकुमार विनायका, प्रकाशचंद्र जैन,फूलचंद छाबड़ा, सुशीला जैन, भानुकुमार रविकुमार जैन, प्रदीपकुमार साधना सिंघई परिवार, इंद्रचंद साधना जैन के साथ अनेक समाजजन मौजूद थे।
इधर, आदिनाथ भगवान जिनालय शिलान्यास
प्राचीन आदिनाथ भगवान जिनालय शिलान्यास, जीर्णोद्धार कार्यक्रम का आयोजन आचार्य जिनचंद्र सागर और हेमचंद्र सागर महाराज के सान्निध्य में गुरुवार और शुक्रवार को होने जा रहा है। इस अवसर पर विविध धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के संबंध में यतीश बोहरा ने बताया कि गुरुवार को पीपलीनाका चौराहे से शिलाओं का वरघोड़ा निकाला जाएगा। चंदाप्रभु उपाश्रय नयापुरा में धर्मसभा होगी। कुंभ, दीपक और क्षेत्रपाल स्थापना होगी। कार्यक्रम में दस दिग्पाल, अष्ट मंगल पाटला पूजन, शिला अभिषेक और निधि कलश भरण विधान होगा। शुक्रवार ६ जुलाई को शिला स्थापना मुहूर्त रहेगा।
Published on:
05 Jul 2018 02:55 pm
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