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वाइफ ने चेंज की इंजीनियर की लाइफ, 2 बार की 26 राज्यों की पैदल यात्रा

पत्नी की बातों से प्रेरित होकर आईपीसीएल कंपनी में उपप्रबंधक पद से वीआरएस लेकर वे देश भ्रमण कर कन्या शिक्षा की अलख जगा रहे हैं।

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Lalit Saxena

Apr 30, 2016

Life has changed his wife, social services are now

Life has changed his wife, social services are now

महेश बागवान@उज्जैन. सफेद दाढ़ी, गले में रुद्राक्ष की माला, साधु-सा भेष और सिंहस्थ मेला क्षेत्र में भ्रमण... पहली नजर में हर कोई उन्हें साधु-संत समझ बैठे, परंतु हकीकत में वे समाज सुधारक हैं। पत्नी की बातों से प्रेरित होकर आईपीसीएल कंपनी में उपप्रबंधक पद से वीआरएस लेकर वे देश भ्रमण कर कन्या शिक्षा की अलख जगा रहे हैं।

हम बात कर रहे हैं मैकेनिकल इंजीनियर वल्लभदास चूड़ासामा की, जो 74 वर्ष की उम्र में अब तक करीब 72 हजार किलोमीटर पैदल यात्रा कर चुके हैं। कराची में जन्मे (अब पाकिस्तान) वल्लभदास का परिवार उनकी चार वर्ष की उम्र में ही बड़ौदा आ गया। गुजराती सहित हिंदी व अंग्रेजी फर्राटे से बोलने वाले चूड़ासामा बताते हैं कि धर्म परायण पत्नी पुष्पा बेन निरक्षर थी, उनके विचारों से प्रेरित होकर गुजरात की इंडियन पेट्रोकेमिकल्स में उपप्रबंधक पद से सेवानिवृत्ति ली। वर्ष 2003 से पैदल यात्रा कर देशभर में कन्या शिक्षा सहित सर्वधर्म सद्भाव, पर्यावरण संरक्षण एवं युवाओं को व्यसन मुक्त जीवन जीने का संदेश दे रहा हूं।

मस्जिद में भी ठहरे
चूड़ासामा के अनुसार पूरे भारत में सब जगह अतिथि देवो भव: की भावना है। धर्म निरपेक्षता का संदेश देने वाले चूड़ासामा पहले एक दिन में 65 किलोमीटर तक पैदल चल रास्ते में कहीं भी रुक जाते हैं। बढ़ती उम्र के साथ अब वे 50 किलोमीटर का सफर एक दिन में पूरा कर लेते हैं। उनके लिए हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई सब समान हैं। एक बार दंगे के दौरान वे श्रीनगर लाल चौक स्थित मस्जिद में भी ठहर चुके हैं। उनका एक पुत्र व दो पुत्रियां हैं। पुत्र अडाणी ग्रुप (सूरत) में डीजीएम है। वल्लभदास चूड़ासामा फिलहाल शहर के प्रमुख स्थलों का भ्रमण कर रहे हैं। 9 मई को शाही स्नान कर वे यहां से प्रस्थान करेंगे।

पैदल सफर : 26 राज्यों की दो बार यात्रा
अमरनाथ 9 बार
द्वारकापुरी 11 बार
अम्बाजी 15 बार
12 ज्योतिर्लिंग दर्शन 2 बार
काठमांडू एक बार
गंगा सागर दो बार
महाकुंभ 6 बार
कैलाश मानसरोवर एक बार (दूसरी बार रास्ता बंद होने के कारण नाथूला से वापसी)

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