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उज्जैन. कार्तिक-अगहन माह की तीसरी सवारी सोमवार को धूमधाम से निकली। चांदी की पालकी पर सवार राजाधिराज के दर्शन कर भक्त निहाल हो गए। भगवान महाकाल की शाही सवारी 3 दिसंबर को निकलेंगी।
महाकाल की अगहन माह की पहली
महाकालेश्वर मंदिर से भगवान महाकाल की अगहन माह की पहली व कार्तिक-अगहन माह की तीसरी सवारी सभामंडप में विधिवत पूजन-अर्चन करने के बाद नगर भ्रमण पर निकली। मंदिर के मुख्य द्वार पर भगवान को पुलिस के जवानों द्वारा सलामी दी गई। सलामी के बाद सवारी महाकाल मंदिर से गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाडी होते हुए रामघाट शिप्रातट पहुंची। भगवान महाकाल का शिप्रा के जल से अभिषेक कर पूजा-अर्चना की गई। पूजन-अर्चन के बाद सवारी रामघाट से गणगौर दरवाजा, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी बाजार होते हुए पुन: महाकाल मंदिर पहुंची। पालकी में विराजित भगवान का दर्शन लाभ सवारी मार्ग के दोनों ओर खडे श्रद्धालुओं ने लिया। सवारी में पुलिस बैण्ड, घुड़सवार दल, सशस्त्र पुलिस बल के जवान, भजन मंडलियां चल रहे थे।
शाही सवारी में मुखारविंद नहीं निकलेंगे
भगवान महाकालेश्वर की कार्तिक-अगहन मास की चौथी व आखिरी सवारी ३ दिसंबर सोमवार को शाही लवाजमे के साथ परंपरानुसार एवं पूर्ण गरिमामय तरीके से निकाली जाएगी। कार्तिक-अगहन मास आखिरी सवारी श्रावण मास की शाही सवारी की तरह ही निकलेगी, लेकिन अगहन मास की सवारी में भगवान महाकाल की पालकी के अलावा अन्य विग्रह (मुखारविंद) आदि नहीं निकलेंगे।
शाही सवारी महाकालेश्वर मंदिर से प्रारंभ होकर
अगहन मास की शाही सवारी महाकालेश्वर मंदिर से प्रारंभ होकर महाकाल रोड, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाडी होते हुए रामघाट पहुंचेगी। पूजन-अर्चन करने के बाद परंपरागत मार्ग से सवारी गणगौर दरवाजा, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चैराहा, मिर्जा नईमबेग मार्ग, तेलीवाडा चौराहा, कंठाल, सतीगेट, सराफ, छत्रीचौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी चौराहा होते हुए महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी।
Published on:
27 Nov 2018 07:00 am
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