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मकर संक्रांति पर तिल से नहाए महाकाल

मकर संक्राति पर महाकाल मंदिर में भस्मारती के दौरान बाबा महाकाल को तिल के उबटन व अन्य सुगंधित द्रव्य पदार्थों से स्नान कराया गया।

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Lalit Saxena

Jan 14, 2017

mahakal darshan on makar sankranti

mahakal darshan on makar sankranti

उज्जैन. मकर संक्राति पर महाकाल मंदिर में भस्मारती के दौरान बाबा महाकाल को तिल के उबटन व अन्य सुगंधित द्रव्य पदार्थों से स्नान कराया गया। भीड़ के कारण गर्भगृह में प्रवेश बंद कर दिया गया। श्रद्धालुओं को नंदी हॉल के पीछे बैरिकेड्स से लाइन चलाकर दर्शन कराए गए। श्रद्धालु भगवान महाकाल को सभामंडप में चांदीगेट के पास लगे पात्र के जरिए जल-दूध व पंचामृत आदि चढ़ा सकेंगे। प्रशासक अवधेश शर्मा ने बताया कि भीड़ कम होने पर गर्भगृह में प्रवेश पर निर्णय लिया जा सकता है।

भगवान को लगाया तिल व्यंजनों का भोग
तड़के 4 बजे हुई भस्म आरती में तिल स्नान के बाद भोग आरती में भगवान महाकाल को तिल से बने व्यंजनों का भोग लगाया गया। पुजारी आशीष गुरु व प्रदीप गुरु ने बताया भगवान को तिल का लड्डू का भोग लगाया गया है। आने वाले दर्शनार्थियों को तिल गुड़ के लड्डुओ का प्रसाद भी बांटा जा रहा है।


बड़े गणेश के स्थापना दिवस पर चढ़ेंगे 1000 कमल पुष्प
महाकाल मंदिर के पास स्थित बड़े गणेश मंदिर में स्थापना दिवस मनाया जाएगा। ज्योतिर्विद पं. आनंदशंकर व्यास ने बताया कि रविवार को चतुर्थी के अवसर पर बड़े गणेश का स्थापना दिवस रहेगा। प्रतिमा स्थापना के 109 साल पूरे होंगे। विशेष शृंगार कर 1000 कमल गणपति नामावली के साथ चढ़ाए जाएंगे। साथ ही एक हजार मोदक का भोग, तिल व अन्य लडड़ुओं का भोग लगेगा। गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ होगा। रात 9 बजे भव्य आरती होगी। रात को तिल्ली के तेल से 108 दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे।

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