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500 करोड़ से बदलेगा महाकाल का कायाकल्प, देश का सबसे आधुनिक मंदिर बनाने का ये है प्लान

500 करोड़ की लागत से महाकाल मंदिर के विकास का काम शुरू किया जा चुका है। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत महाकाल मंदिर परिसर का क्षेत्रफल मौजूदा क्षेत्रफल से करीब आठ गुना अधिक होगा।

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500 करोड़ से बदलेगा महाकाल का कायाकल्प, देश का सबसे आधुनिक मंदिर बनाने का ये है प्लान

उज्जैन/ स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत मध्य प्रदेश की धर्म नगरी उज्जैन का कायाकल्प बदलने का खाका तैयार कर लिया गया है। इसी के तहत 500 करोड़ की लागत से महाकाल मंदिर के विकास का काम शुरू किया जा चुका है। परियोजना के तहत महाकाल मंदिर परिसर का क्षेत्रफल मौजूदा क्षेत्रफल से करीब आठ गुना अधिक फैला हुआ होगा।बता दें कि, मौजूदा समय में मंदिर परिसर 2.82 हेक्टेयर में फैला है, जबकि मंदिर परिसर विस्तार के बाद इसका क्षेत्रफल 20.23 हेेक्टेयर हो जाएगा, मंदिर परिसर के फैलाव के बाद देश-विदेश से आने वाले महाकाल भक्तों को दर्शन में आसानी होगी।

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सीएम शिवराज ने दी मंदिर विस्तार की स्वीकृति

आपको बता दें कि, इस संदर्भ में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 12 जनवरी को महाकाल विकास योजना का निरीक्षण किया था, साथ ही अधिकारियों के समक्ष बैठक में सीएम ने योजना के तहत महाकालेश्वर के विकास और विस्तार के लिये 500 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी थी।


दो चरणों में होगा परियोजना का काम

महाकाल विकास और विस्तार परियोजना का काम दो चरमों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में महाकाल प्लाजा, महाकाल कॉरिडोर, मिडवे जोन, महाकाल थीम पार्क, घाट एवं डेक एरिया, नूतन स्कूल कॉम्प्लेक्स, गणेश स्कूल कॉम्प्लेक्स, पार्किंग, धर्मशाला, प्रवचन हॉल व अन्नक्षेत्र विकसित किये जाएंगे। वहीं, दूसरे चरण में महाराजवाड़ा, रुद्रसागर जीर्णोद्धार, छोटा रुद्रसागर लेक फ्रंट, रामघाट सौंदर्यीकरण, पार्किंग, पर्यटन सूचना केंद्र, हरिफाटक ब्रिज का चौड़ीकरण, रेलवे अंडरपास, रुद्रसागर पर पैदल पुल, महाकाल द्वार, बेगमबाग मार्ग विकास, रुद्रसागर पश्चिमी मार्ग और महाकाल पहुंच मार्ग का विकास। परियोजना के तहत सिंहस्थ 2028 तक महाकाल को नए रूप में विकसित किया जाना है।

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इन सुविधाओं से लैस होगा महाकाल परिसर

-त्रिवेणी संग्रहालय से सटी मल्टीलेवल पार्किंग होगी। जहां 350 वाहनों के पार्क किये जाने की व्यवस्था रहेगी।

-यहां से पूरे क्षेत्र पर निगरानी के लिए वॉच टॉवर और कंट्रोल रूम विकसित किया जाएगा।

-25 फीट ऊंची मूर्तियों के साथ बैठने का स्थान भी विकसित किया जाएगा।

-यहां श्रद्धालु बोटिंग का आनंद भी ले सकेंगे।

-महाकाल मंदिर क्षेत्र स्थित घनी आबादी में 16 स्कूल और संस्कृत कॉलेज हैं। इन्हें यहां से विस्थापित कर नए नूतन स्कूल और गणेश स्कूल परिसर में शिफ्ट किया जाएगा। इस भूमि को मंदिर प्रांगण के उपयोग में लिया जाएगा।

-मंदिर के पास बेगमबाग इलाके के 200 अव्यवस्थित मकानों को धतरावदा में विस्थापित कर योजना के तहत बहुमंजिला इमारतों में शिफ्ट किया जाएगा।

-महाकाल मंदिर विकास योजना के दूसरे चरण में रुद्र सागर का जीर्णोद्धार किया जाएगा।

-महाराजवाड़ा परिसर को कुंभ संग्रहालय के रूप में उपयोग किया जाएगा। यहां नक्षत्र वाटिका भी विकसित होगी।

-महाकाल मंदिर से महाकाल चौराहा तक 24 मीटर चौड़ा मार्ग विकसित किया जाएगा।

-बड़ा गणेश मंदिर से 24 खंबा माता मंदिर तक 12 मीटर चौड़ा मार्ग विकसित किया जाएगा।

-महाकाल मंदिर परिसर स्थित अन्नक्षेत्र, प्रवचन हॉल और धर्मशाला को त्रिवेणी संग्रहालय के पास शिफ्ट किया जाएगा।

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