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भस्मआरती के लिए ऑनलाइन बुकिंग 2 माह तक फुल, यहां करें आगे की बुकिंग

भस्म आरती की बुकिंग दो माह तक के लिए बंद कर दी गई है...।

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उज्जैन. श्रावण मास में बाबा महाकाल की भस्मआरती के दर्शन करने आने वालों को थोड़ा इंतजार करना होगा। कारण अगले दो महीने तक ऑनलाइन बुकिंग फुल हो चुकी है। हालांकि श्रावण के लिए ऑफलाइन बुकिंग काउंटर हरसिद्धि मंदिर में बनाया जाएगा। मंदिर प्रबंध समिति प्रशासक गणेशकुमार धाकड़ ने बताया कि भस्मआरती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 1500 निर्धारित है। ऑफलाइन आने वालों को एक दिन पहले काउंटर पर 200 रुपए जमा कराना होगा। सीट उपलब्ध होने पर परमिशन मिलेगी। यदि किसी को अनुमति नहीं मिल पाई हो तो ऐसे में श्रद्धालु सुबह मंदिर में आकर दर्शन की कतार में लगकर चलायमान व्यवस्था के तहत भी बिना बुकिंग दर्शन कर सकते हैं।

ऐसे करें बुकिंग

mahakaleshwar bhasma aarti booking

महाकाल मंदिर के गर्भगृह में 10 से 12 जुलाई यानी तीन दिन तक प्रवेश बंद रहेगा। कारण रजत मंडित दीवारों, चांदी द्वार, रुद्र यंत्र, सभा मंडप के चांदी द्वार की सफाई होना। प्रशासक गणेशकुमार धाकड़ ने बताया चांदी से बने रुद्र यंत्र की सफाई व पॉलिश का कार्य सुबह 11 से शाम 5 बजे तक होगा। इस दौरान गर्भगृह में दर्शनार्थियों का प्रवेश वर्जित रहेगा।

दर्शनार्थी नंदी मंडपम के पीछे गणपति मंडपम के बैरिकेट्स से भगवान के दर्शन कर सकेंगे। मंगलवार से शुक्रवार तक भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं को दोपहर 1 से 4 बजे तक गर्भगृह में नि:शुल्क प्रवेश दिया जा रहा है। इससे उनमें उत्साह है। भस्मआरती में भी चलित दर्शन व्यवस्था से दर्शनार्थी खुश हैं।

ऑनलाइन दर्शन की भी है व्यवस्था

mahakaleshwar live darshan- महाकाल के गर्भगृह में फिर बंद हुई एंट्री, ऐसे करें लाइव दर्शन

मंगलनाथ मंदिर के गर्भगृह में वसूली की शिकायत

विश्व प्रसिद्ध भगवान मंगलनाथ मंदिर में पहले पुजारी को दक्षिणा दो, फिर 200 रुपए की रसीद कटाओ और बाद में जब पुजारी गर्भगृह में पूजन-अभिषेक के लिए भेजे, तो वहां बैठे पुजारी बिना 100-200 लिए प्रवेश से रोक देते हैं। पत्रिका ने पहले भी मामले को लेकर मुहिम चलाई थी, लेकिन उच्चाधिकारियों ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया, जिसका नतीजा यह रहा कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं से अब भी जबरिया वसूली हो रही है। 14 जून को इटारसी के रमेश साहू (हाईकोर्ट एडवोकेट) व परिवार मंगलनाथ आए थे। पहले उन्होंने परिसर में बैठकर पूजन-अनुष्ठान किया, इसके बाद जब पुजारी ने दर्शन के लिए गर्भगृह में भेजा, तो वहां मौजूद पुजारी ने बच्चों से 100-100 रुपए मांगे। उन्होंने कहा पंडितजी मेरे पिताजी बाहर हैं। हम लोग बाहर निकलकर दे देंगे, तो विवाद करने लगे और बाहर कर दिया। इसकी शिकायत उन्होंने मुख्यमंत्री व कलेक्टर से की है।