
महाशिवरात्रि का पर्व इस बार 8 मार्च को मनाया जाएगा। लेकिन महाकाल उज्जैन में 29 फरवरी से ही इस महापर्व की शुरुआत हो जाएगी। महाशिवरात्रि पर इस बार महाकाल में वीआईपी दर्शन से लेकर भस्म आरती तक की कई व्यवस्थाएं बदली रहेंगी... ध्यान से पढ़ लें ये खबर... दरअसल महाशिवरात्रि पर्व पर आम श्रद्धालुओं को करीब 4 किमी चलकर बाबा महाकाल की एक झलक मिलेगी। शिवरात्रि पर्व 8 मार्च को है, लेकिन इससे पहले 29 फरवरी से मंदिर में पर्व की शुरुआत हो जाएगी। 9 मार्च तक मंदिर परिसर और सभा मंडप में शिवरात्रि पर्व की धूम रहेगी। फिलहाल शिवरात्रि पर्व के दिन चलायमान भस्म आरती को प्रतिबंधित किया गया है। वीआईपी के आगमन पर बारकोड से जांच होने के बाद इंट्री मिलेगी।
नववर्ष की तरह रहेगी व्यवस्था
प्रशासक सोनी के अनुसार नववर्ष की तरह महाशिवरात्रि पर्व पर भी आम श्रद्धालुओं को लगभग 4 किमी चलकर दर्शन करने होंगे। नृसिंह घाट तिराहे पर स्थित गंगोत्री गार्डन से मंदिर में प्रवेश मिलेगा। आम श्रद्धालु उक्त द्वार से प्रवेश कर चारधाम मंदिर पानी की टंकी वाले मार्ग से त्रिवेणी संग्रहालय की ओर, त्रिवेणी संग्रहालय से नन्दी मंडपम, महाकाल लोक, मानसरोवर भवन में प्रवेश कर फेसिलिटी सेंटर-1, नवीन टनल, कार्तिक मंडपम, गणेश मंडपम से दर्शन कर सकेंगे। दर्शन उपरांत गेट नंबर-10 तथा आपातकालीन निर्गम द्वार से बड़ा गणेश मंदिर से दाहिनी ओर पुराने अन्नक्षेत्र से हरसिद्धि पाल से हरसिद्धि चौराहा से झालरिया मठ के रास्ते बाहर की ओर प्रस्थान करेंगे।
वीआईपी दर्शन के लिए होगा बारकोड, चलित भस्म आरती रहेगी बंद
इस बार महाशिवरात्रि पर्व पर आने वाले वीआईपी के पास में बारकोड रहेगा। इसको स्कैन करने के बाद ही इंट्री मिलेगी। यह इसलिए किया जा रहा है, ताकि वीआईपी गेट और पर्ची का बेजा उपयोग न हो सके। प्रशासक संदीप सोनी ने बताया कि 9 मार्च को दोपहर में 12 बजे भस्म आरती होगी। 8 मार्च को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाएगा। 29 फरवरी से 9 मार्च तक शिवनवरात्रि पर्व चलेगा। प्रतिदिन सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक विशेष पूजन किया जाएगा। संध्याकाल में भगवान को नए वस्त्र धारण कराए जाकर विशेष श्रृंगार किया जाएगा। 9 मार्च को दोपहर में भस्म आरती होगी। इस आरती में चलायमान व्यवस्था पर प्रतिबंध रहेगा।
भस्म आरती में केवल पंजीयनधारी श्रद्धालुओं के प्रवेश संबंधी व्यवस्था मानसरोवर भवन एवं गेट नंबर-1 से रहेगी। विशिष्ट तथा अतिविशिष्ट श्रद्धालुओं के प्रवेश की व्यवस्था शंख द्वार से रहेगी। पर्व पर वीआईपी, मीडिया तथा पुजारी-पुरोहित का प्रवेश बेगमबाग के नीलकंठ वीआईपी गेट से प्रवेश रहेगा।
यहां रहेगी पार्किंग
समस्त वाहनों के लिए कर्कराज पार्किंग तथा दोपहिया व प्रशासनिक वाहनों को कलोता समाज धर्मशाला पर पार्क किया जाएगा। इंदौर से आने वाले वाहनों की पार्किंग रूद्राक्ष होटल के दाहिनी ओर, शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज तिराहे आदि पर, हरिफाटक ब्रिज के नीचे हाट बाजार तथा मन्नत गार्डन पर पार्किंग रहेगी। देवास, मक्सी, आगर रोड से आने वाले वाहनों की पार्किंग व्यवस्था इंजीनियरिंग कॉलेज के मैदान व प्रशांतिधाम पार्किंग पर होगी। बडऩगर, नागदा रोड से आने वाले वाहनों की पार्किंग मुल्लापुरा उपार्जन केन्द्र, कार्तिक मेला पार्किंग, आदिनाथ जैन पार्किंग, उदासीन अखाड़ा, निर्मोही अखाड़ा पर होगी।
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Updated on:
20 Feb 2024 12:14 pm
Published on:
20 Feb 2024 12:03 pm
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