
मंगलनाथ मंदिर में भात पूजा कराने वालों की संख्या बढ़ी
उज्जैन. कुंडली का मंगल दोष लोगों को डरा रहा है। यही वजह है कि विश्व प्रसिद्ध मंगलनाथ मंदिर में पूजा कराने लोग उमड़ रहे हैं। मान्यता है कि मंगलनाथ मंदिर में मंगलदेव की पूजा करने से मंगल दोष शांत होता है। यहां मंगलदेव की भात पूजा की जाती है। मंदिर में भात पूजा कराने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
मंगल ग्रह की जन्मस्थली कहे जाने वाले भगवान श्री मंगल नाथ के मंदिर में देशभर से भक्तों के आने का सिलसिला जारी है। यहां आनेवाले अधिकांश लोग मांगलिक यानि मंगली होते हैं। मांगलिक कुंडली वाले भक्त अलग- अलग पूजन विधि के माध्यम से मंगलदेव को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं। यहां पूजा कराने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है जिससे मंदिर प्रबंध समिति की आय में खासी बढ़ोत्तरी हुई है।
भीषण गर्मी के बाद भी मंदिर में भात पूजन कराने वाले यजमान तथा श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा- समिति द्वारा मंदिर की आय को लेकर लेखा जारी किया गया है। इसके अनुसार मंदिर समिति को मई माह में रिकॉर्ड 22 लाख 82 हजार 250 रुपए की आय हुई है। ज्येष्ठ माह की भीषण गर्मी के बाद भी मंदिर में भात पूजन कराने वाले यजमान तथा श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। प्रबंधक केके पाठक ने बताया कि मंगलवार 6 जून को तो मंगलनाथ मंदिर काफी भीड़ रही। भातपूजन की कुल 1250 रसीद कटी, जिससे 2 लाख 49 हजार 150 रुपए की आय प्राप्त हुई।
भात पूजन के साथ ही कालसर्प पूजन, श्रापित दोष, अंगारक दोष, कुंभ विवाह, अर्क विवाह आदि की पूजन - यहां भात पूजन के साथ ही कालसर्प पूजन, श्रापित दोष, अंगारक दोष, कुंभ विवाह, अर्क विवाह आदि की पूजन कराई जाती है। मंदिर का विकास एवं विस्तार कार्य भी चल रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहे हैं, इस वजह से भी भक्त ज्यादा आ रहे हैं।
Published on:
07 Jun 2023 12:09 pm

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