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Navratri 2023 – उज्जैन के इस देवी मंदिर में बंटता शराब का प्रसाद

उज्जैन को महाकाल की नगरी के रूप में जाना पहचाना जाता है हालांकि यहां अन्य कई विख्यात मंदिर भी हैं। यहां मंगलनाथ मंदिर, कालभैरव मंदिर, हरसिद्धि और गढ़ कालिका मंदिर सहित अनेक सिद्धस्थान हैं। ऐसे सिद्ध मंदिरों में 24 खंभा स्थित माता महामाया और महालया मंदिर भी शामिल है। खास बात यह है कि यहां माता को मदिरा का भोग लगाया जाता है और इसे ही प्रसाद के रूप में बांटा भी जाता है।

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24 खंभा स्थित माता महामाया और महालया मंदिर

उज्जैन को महाकाल की नगरी के रूप में जाना पहचाना जाता है हालांकि यहां अन्य कई विख्यात मंदिर भी हैं। यहां मंगलनाथ मंदिर, कालभैरव मंदिर, हरसिद्धि और गढ़ कालिका मंदिर सहित अनेक सिद्धस्थान हैं। ऐसे सिद्ध मंदिरों में 24 खंभा स्थित माता महामाया और महालया मंदिर भी शामिल है। खास बात यह है कि यहां माता को मदिरा का भोग लगाया जाता है और इसे ही प्रसाद के रूप में बांटा भी जाता है।

नवरात्रि पर यहां उत्साह चरम पर रहता है। नवरात्रि के मौके पर देशभर की तरह शहर के इस दुर्गा मंदिर में भी देवी के दर्शन और पूजन के लिए भक्तों की भीड़ लगती हैै। नगरवासियों की सुख समृद्धि की कामना को लेकर श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी द्वारा एक अनूठी परंपरा का भी निर्वाह किया जाता है। इस परंपरा के अंतर्गत नवरात्रि की अष्टमी के दिन माता महामाया और माता महालया को मदिरा का भोग लगाया जाता है।

बता दें कि उज्जैन के प्रसिद्ध कालभैरव मंदिर में स्थापित भगवान भैरव को भी मदिरा का भोग भी लगाया जाता है जिसके कारण यह मंदिर देश दुनिया में जाना जाता है। कुछ इसी तरह का कार्यक्रम उज्जैन में नवरात्रि के दौरान भी होता है जब यहां मंदिर में स्थापित माता को मदिरा का भोग लगाया जाता है।

नवरात्रि की महा अष्टमी पर श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी द्वारा यह आयोजन किया जाता है। श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी द्वारा हर साल नगर पूजा आयोजित की जाती है जिसके दौरान 24 खंभा स्थित माता महामाया और महालया को मदिरा का भोग लगाया जाता है। माता को शराब चढ़ाई जाती हैॅ और भक्तों को यही शराब प्रसाद के रूप में बांटी भी जाती है। साल की दोनों नवरात्रि की अष्टमी के दिन 24 खंभा माता मंदिर में कलेक्टर पूजा करते हैं।

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