उज्जैन. मनीष से शादी के बाद से ही मीनाक्षी जब कभी भी घर से निकलती थी, वह अपने कमरे में ताला लगाकर जाती थी। 18 अगस्त को मनीष को गोली लगने और 22 को उसकी मौत होने के बाद मीनाक्षी तीन या चार बार ही अस्पताल आई थी। वह काफी कम समय अस्पताल रुकती थी और यह कहकर चली जाती थी कि उसे घर जाकर पूजा करनी है। यह बात मंगलवार को माधवनगर थाने में मनीष के पिता राधाकिशन मीणा ने कही। पुलिस से जब्त दस्तावेजों की जानकारी लेने के दौरान उनकी मीडिया से चर्चा हुई थी।