
Ujjain News: मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पिछले दिनों भोपाल में हुई बैठक में दिए थे निर्देश, महाकाल भस्म आरती की चलायमान व्यवस्था जल्द लागू हो
उज्जैन. विश्व प्रसिद्ध भगवान महाकाल के दरबार में प्रतिदिन तड़के 4 बजे होने वाली भस्म आरती में चलायमान दर्शन व्यवस्था के संबंध में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पिछले दिनों भोपाल में आयोजित अतिमहत्वपूर्ण बैठक में कहा था कि इसे तत्काल शुरू करें, लेकिन अभी तक यह शुरू नहीं हो सकी है। यदि मंदिर में व्यवस्था लागू हो जाती है, तो बाहरी श्रद्धालुओं को लूटने वाले दलालों के धंधे स्वत: खत्म हो जाएंगे। भस्म आरती की चलायमान दर्शन व्यवस्था को लेकर पत्रिका ने प्रबुद्ध लोगों के विचार।
भीड़ को देखते हुए लिया था निर्णय
प्रभारी मंत्री सज्जनसिंह वर्मा ने भस्म आरती की चलायमान व्यवस्था पर कहा कि मंदिर में लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए सीएम ने प्रमुख तौर पर इस बिंदु को शामिल किया था। इस व्यवस्था को लेकर उनके साथ भोपाल में हुई खास बैठक में प्रशासक, समिति सदस्य व पुजारीगण भी शामिल हुए थे। चर्चा हुई थी कि चलायमान दर्शन व्यवस्था पर शीघ्र अमल हो। लेकिन अभी तक इसे अमल में नहीं लाया जा सका है। मैं कलेक्टर और प्रशासक रावत से चर्चा करूंगा और जल्द इसे लागू कराने का प्रयास रहेगा।
दो साल से कर रहा हूं इसके लिए प्रयास
संत अवधेशपुरी महाराज ने कहा मैं इस व्यवस्था के लिए दो साल से प्रयासरत हूं। इससे आम दर्शनार्थियों के साथ लूटपाट नहीं होगी, और सभी को सुचारू रूप से बाबा के दर्शनों का लाभ मिल सकेगा। सिंहस्थ २०१६ में भस्म आरती में चलायमान दर्शन व्यवस्था लागू की गई थी, जो काफी सफल भी रही थी। बारह ज्योतिर्लिंगों में केवल महाकाल मंदिर ही ऐसा है, जहां प्रतिदिन भस्म आरती होती है। इसमें शामिल होने के लिए हर भक्त लालायित रहता है।
इससे ज्यादा सुविधाजनक कोई बात नहीं हो सकती
महाकाल समिति के मानसेवी सदस्य, लायंस क्लब उज्जैन गोल्ड के अध्यक्ष समाजसेवी आलोक ऐरन का कहना है कि इससे ज्यादा सुविधाजनक कोई बात नहीं हो सकती। बाहर से आने वाले कई श्रद्धालु परमिशन नहीं मिल पाने के कारण दलालों के चक्कर में फंसते हैं। चलायमान भस्म आरती में शामिल होकर वे बाबा के दर्शनों का लाभ लेकर चंद मिनटों में बाहर हो जाएंगे और तमाम परेशानियों से बच जाएंगे।
व्यवस्था ऐसी बने, जिससे कोई भक्त निराश नहीं लौटे
एडवोकेट हरदयालसिंह ठाकुर कहा ने महाकाल बाबा की सबसे खास भस्म आरती में चलायमान दर्शन व्यवस्था ऐसी हो जिसमें बैठने वाले भक्तों के साथ-साथ जो लोग अनुमति नहीं मिलने से बाहर ही रह जाते हैं, उन्हें भी दर्शन मिल सकें। इससे वे निराश होकर लौटने को मजबूर नहीं होंगे और चलायमान दर्शन व्यवस्था के तहत सभी को बाबा के दर्शन सुगमता से हो सकेंगे।
बाबा महाकाल की भस्म आरती में चलायमान व्यवस्था शीघ्र लागू करने पर विचार चल रहा है। बहुत जल्द इसे शुरू कर दिया जाएगा।
- एसएस रावत, प्रशासक महाकाल मंदिर समिति।
Published on:
18 Sept 2019 09:10 am

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