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महाकाल की तर्ज पर यहां निकलती है उमा माता की पालकी

Ujjain News: - बैठक में पुजारी-पुरोहितों ने कहा पालकी का स्वरूप बढ़ाएं, आखिरी दिन प्रसिद्ध गायक की भजन संध्या करें

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Uma-Sanjhi Festival will be celebrated in Mahakal temple

Ujjain News: - बैठक में पुजारी-पुरोहितों ने कहा पालकी का स्वरूप बढ़ाएं, आखिरी दिन प्रसिद्ध गायक की भजन संध्या करें

उज्जैन. महाकाल मंदिर में प्रतिवर्षानुसार इस बार भी सोलह श्राद्ध में उमा-सांझी महोत्सव मनाया जाएगा। इसके लिए व्यापक तैयारियों का सिलसिला आरंभ हो गया है। बुधवार को महाकाल प्रवचन हॉल में समिति सदस्य व पुजारी-पुरोहितों की अहम बैठक बुलाई गई, जिसमें सभी ने एक स्वर में कहा कि महोत्सव को जन-जन से जोडऩे के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार और भव्यता लाने का प्रयास हो, साथ ही उमा माता की सवारी का स्वरूप भी बढ़ाना होगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा ख्यात गायक भी भजन संध्या भी कराई जाए, जिससे अधिक लोग इससे जुड़ें।

समिति सदस्य व अधिकारियों की बैठक
उपप्रशासक आशुतोष गोस्वामी की अध्यक्षता में पुजारी-पुरोहित, समिति सदस्य व अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में उमा सांझी महोत्सव के दौरान होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के लिए समितियों का गठन किया गया। घट स्थापना एवं वसंत पूजा समिति में विश्वास कराड़कर, संझा निर्माण समिति में सत्यनारायण जोशी, झांकी निर्माण समिति में कैलाश पुजारी रहेंगे। महोत्सव पश्चात होने वाले कन्या भोज में दिए जाने वाले उपहार समिति में राजेश पुजारी, अभिषेक शर्मा (बाला गुरु), दीपक मित्तल व प्रदीप गुरु रहेंगे।

मालवा लोक संस्कृति को जीवंत रखने का प्रयास
मालवा लोक संस्कृति को जीवंत रखने के लिए इस विधा से जुड़े कलाकारों द्वारा गायन, वादन एवं नृत्य की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इस समिति में प्रशासक एसएस रावत एवं सदस्य विजयशंकर पुजारी, आशीष पुजारी, दीपक मित्तल रहेंगे। 16 सितंबर शाम 5 बजे तक प्राप्त आवेदनों पर ही विचार किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोकगीत, माच, लोकनृत्य आदि कलाएं जो लुप्त हो रही हैं, उनको मंच उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। रंगोली, चित्रकला, श्लोकपाठ प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। 25 से 30 सितंबर तक उमा सांझी उत्सव मनाया जाएगा। प्रतिदिन सभामंडप में शाम 5 से 6.30 बजे तक समर्थ बालकृष्णनाथ ढोली बुआ महाराज ग्वालियर द्वारा संगीतमय नारदीय कीर्तन होगा।

28 को शनिश्चरी अमावस्या, 30 को सवारी
28 सितंबर को शनिचरी अमावस्या रहेगी, इसी दिन उमा माता का जागरण होगा, 30 सितंबर को उमा माता की सवारी शाम 4 बजे महाकाल मंदिर से शाही अंदाज में निकाली जाएगी। बैठक में सुझाव दिया गया कि सवारी को श्रावण की तर्ज पर भव्य रूप देने के लिए भजन मंडलियों एवं बैंड पार्टियों को आमंत्रित किया जाए।

ये रहे मौजूद
बैठक में सहायक प्रशासक सीपी जोशी, आरपी तिवारी, कैलाश पुजारी, भूषण व्यास, सुभाषचंद्र शर्मा, रमण त्रिवेदी, दीपक भट्ट, दिनेश पुजारी, नवनीत शर्मा, विकास व्यास, अभिषेक शर्मा, प्रशांत पुजारी आदि उपस्थित थे।

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