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नंदीहॉल में बैठकर महाकाल के सामने ध्यान लगाएंगे मोदी, गोधूलि बेला में कॉरिडोर में बिखरेगी स्वर्णिम छटा

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बनेगी आयोजन समिति, प्रदेशभर के प्रमुख मंदिरों में होगा कार्यक्रम का सीधा प्रसारण, मंत्री सिंह, देवड़ा और यादव ने की तैयारियों की समीक्षा, भव्य आयोजन के लिए दिए सुझाव

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नंदीहॉल में बैठकर महाकाल के सामने ध्यान लगाएंगे मोदी, गोधूलि बेला में कॉरिडोर में बिखरेगी स्वर्णिम छटा

नंदीहॉल में बैठकर महाकाल के सामने ध्यान लगाएंगे मोदी, गोधूलि बेला में कॉरिडोर में बिखरेगी स्वर्णिम छटा

उज्जैन. अनूठे स्थापत्य कला से शृंगारित कॉरिडोर को मोनोक्राम लाइट यानी सूर्य की किरणों सी रोशनी से महाकाल का सुनहरा आंगन बन जाएगा। इस स्वर्णिम छटा के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कॉरिडोर सहित पहले चरण के कार्यों का लोकार्पण करेंगे। इससे पहले वह नंदी हॉल में बैठकर बाबा महाकाल के सामने कुछ समय ध्यान करेंगे।महाकाल कॉरिडोर के लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री मोदी 11 अक्टूबर को शाम 5.30 बजे शहर आएंगे। वह दो घंटे से अधिक समय शहर में रहेंंगे, जिसमें से अधिकतर समय मंदिर और नवनिर्मित परिसर में बिताएंगे। हल्का अंधेरा होने और कॉरिडोर की सभी लाइट चालू होने के बाद लोकार्पण करेंगे, जिससे सूर्य की रश्मियों के समान स्वर्णिम छटा से नहाए कॉरिडोर की खूबसूरती को देश-दुनिया से रूबरू करा सकें। लोकार्पण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण प्रदेश के सभी प्रमुख मंदिरों और देशभर में किया जाएगा।

कार्यक्रम की भव्यता पर मंथनप्रधानमंत्री मोदी के आगमन की तैयारियां को लेकर भोपाल स्तर से मॉनिटरिंग तेज हो गई है। शुक्रवार को नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्री भूपेंद्र सिंह, जिले के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारियों के साथ आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की। त्रिवेणी संग्रहालय के सभागृह में तीनों मंत्रियों ने मोदी के आगमन के रूट, महाकाल मंदिर में बैठक, कॉरिडोर में प्रवेश आदि व्यवस्थाओं के साथ आयोजन को भव्य स्वरूप देने पर मंथन किया। बैठक में सांसद अनिल फिरोजिया, महिदपुर के विधायक बहादुरसिंह चौहान, महापौर मुकेश टटवाल, पूर्व सांसद डॉ. चिंतामणी मालवीय, संभागायुक्त संदीप यादव, कलेक्टर आशीष सिंह, एसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ल और एडीएम संतोष टैगोर आदि मौजूद रहे।

आयोजन समिति के लिए दें गोपनीय नाम
आयोजन को लेकर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय आयोजन समिति गठित होगी। समिति सदस्यों के लिए गोपनीय रूप से नाम प्रस्तावित किए जा सकते हैं। इसके अलावा कॉरिडोर का नामकरण के लिए भी जनप्रतिनिधि, अधिकारियों के साथ आमजन से सुझाव लिए जाना चाहिए।

एक हजार करोड़ से होगा महाकाल क्षेत्र का विकास : सिंह

भूपेंद्रसिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नंदी द्वार से कॉरिडोर में प्रवेश कर कॉरिडोर व पहले चरण के विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। हालांकि अभी यह प्रस्तावित कार्यक्रम हैं। अभी ७५० करोड़ से दो चरणों में मंदिर क्षेत्र का विकास और विस्तारीकण हो रहा है। निकट भविष्य में यह बजट एक हजार करोड़ पहुंच सकता है। ऐसे में प्रोजेक्ट में कुछ नए कार्य शामिल करने की चर्चा है। मंत्री देवड़ा ने कहा कि सभी को मिलकर आयोजन भव्य और गरिमामय बनाना है। मंत्री डॉ. यादव ने कहा, राजा विक्रमादित्य काल के बाद मंदिर का ऐसा वैभव सामने आया है।

सभा के लिए घाटों पर भी व्यव्स्था
प्रधानमंत्री कार्तिक मेला ग्राउंड में आयोजित सभा को संबोधित करेंगे। यहां 50 हजार लोगों की क्षमता है। आयोजन में सभी को आमंत्रित किया जा रहा है इसलिए बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना है। इसके चलते रामघाट व दत्त अखाड़ा घाट पर एलइडी लगाई जाएगी ताकि दर्शकों के लिए व्यवस्था की जा सके।

सिंहस्थ के बाद सिंह को फिर बड़ी जिम्मेदारी की अटकलें

स्मार्ट सिटी के विकास कार्य वैसे तो मंत्री भूपेंद्रसिंह के मंत्रालय से जुड़े हैं, लेकिन उनके उज्जैन आगमन को सिंहस्थ के अनुभव का परिणाम भी माना जा रहा है। सिंहस्थ 2016 में भूपेंद्रसिंह उज्जैन के प्रभारी मंत्री थे और सरकार के प्रतिनिधि के रूप में उन्होंने सिंहस्थ के सफल बनाने में मेहनत की थी। कॉरिडोर के लोकार्पण और मोदी का आगमन उज्जैन के लिए सिंहस्थ के बाद का दूसरा सबसे बड़ा ऐतिहासिक आयोजन होगा। ऐसे में माना जा रहा है, मुख्यमंत्री ने मंत्री सिंह का आयोजन के लिए अपरोक्ष रूप से जिम्मेदारी दे दी है। सिंह निकट भविष्य में कुछ दिन के लिए उज्जैन में ही डेरा डाल सकते हैं।

कॉरिडोर के नाम सुझाएंजनता भी दे सकती है सुझाव

महाकालेश्वर कॉरिडोर के नामकरण के लिए सरकार ने सुझाव मांगे हैं। अधिकारी व जनप्रतिनिधियों ने रूद्रपथ, श्वेताद्री, महाकाल लोक, महाकाल देवस्थान परिक्षेत्र, महाकाल पथ, महाकाल विथिक, शिवांगन, महाकाल वाटिका, अवंतिका पथ, महाकाल मण्डप, महाकाल आंग आदि नाम सुझाए। कॉरिडोर के लिए शहरवासी भी नाम का सुझाव दे सकते हैं। इसके लिए पत्रिका भी अपने पाठकों को सुविधा उपलब्ध करा रहा है। पाठक वॉट्सएप नंबर 8103843438 पर कॉरिडोर के लिए प्रस्तावित नाम और अपना नाम भेज सकते हैं।

आयोजन की भव्यता के सुझाव

मंत्री देवड़ा ने कहा, 5 अक्टूबर से उज्जैन जिले में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। उज्जैन, इंदौर और निमाड़ के जनप्रतिनिधियों व ग्रामीण क्षेत्रों से सरपंचों को आमंत्रित करें।

मंत्री यादव ने कहा, दशहरा पर भगवान महाकालेश्वर की शाही सवारी निकाली जाए। शहर के प्रत्येक परिवार के मुखिया के नाम से पीले चावल देकर लोकार्पण कार्यक्रम का निमंत्रण दें। महाकालेश्वर के उज्जैन में प्राकट्य पर आधारित नाटक का मंचन हो।

सांसद फिरोजिया ने उज्जैन के गांव-गांव से कलश यात्रा निकाली जाना चाहिए।

महापौर ने सभी वार्डों में सुंदरकांड का पाठ कराने का कहा। लोकार्पण समारोह के लिए वार्डवार समिति बने।

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