27 जुलाई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

video : ईद की नमाज : मुस्लिमजन ने पहले मांगी अमन-चैन की दुआ, फिर दी कुबानज़्ी…

उज्जैन, शाजापुर सहित विभिन्न शहरों में मनाई बकरीद, नमाज में बारिश ने डाला खलल
2 min read
Google source verification
patrika

Muslims,eid al-adha,bakra eid,festival of sacrifice,Eidgah,Celebrate Eid,bakrid 2018,

उज्जैन। मुस्लिम समाज ने बुधवार को ईद मनाई। उज्जैन, शाजापुर, आगर मालवा, नागदा सहित विभिन्न शहरों में सुबह ईदगाह पर बकरीद की नमाज अता की गई। बाजार में भी खासी चहल-पहल नजर आई। शासकीय और प्राइवेट स्कूलों के अलावा सभी संस्थाओं में बुधवार को इदुल अ•ाहा के चलते अवकाश रहा। उज्जैन में ईद की प्रमुख नमाज इंदिरा नगर स्थित ईदगाह पर सुबह 7.45 बजे अदा की गई, जिसमें समाजजन ने देश में अमन-चैन की दुआ मांगी और एक-दूसरे को मुबारकबाद दी।

बारिश ने डाला नमाज में खलल
लगातार चल रहा बारिश का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा। सुबह मस्जिदों और ईदगाह पहुंचकर ईद की नमाज अता करने वाले मुस्लिमजन को बारिश के कारण परेशान होना पड़ा। इसीलिए ईदगाह पर संख्या भी कम ही नजर आई।

13 मस्जिदों में हुई नमाज अता
उज्जैन की प्रमुख 13 मस्जिदों में अलग-अलग समय पर नमाज अता की गई। नमाज के बाद मुस्लिमजन ने घरों में पहुंचकर कुबानज़्ी भी दी। ईद के चलते बाजार में भी चहल-पहल रही। मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में दुकानों व प्रतिष्ठानों पर सजावट की गई। शहरकाजी खलीकुरेज़्हमान को प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने साफा बांधकर सम्मानित किया और गले मिलकर बधाई दी। वहीं शाजापुर में बकरीद पर गिरवर स्थित ईदगाह पर मुस्लिम समाजजनों ने नमाज अता की। बारिश की वजह से लोग कम दिखाई दिए। इस दौरान जनप्रतिनिधियों व जिला अधिकारियों ने शहरकाजी व अन्य वरिष्ठजनों का साफा बांधकर स्वागत किया।

बच्चों में रहा उत्साह
बच्चों में इस दिन खासा उत्साह नजर आया। नए कपड़ों में सजे बच्चे एक दूसरे से गले मिल रहे थे। वहीं लड़कियां भी हाथों में मेहंदी रचाकर ईद की मुबारकबाद दे रही थीं। सजावटी वस्तुओं से घरों को सजाया गया। महिलाएं घरों में मेहमानों की खातिरदारी में व्यस्त रहीं।

एक माह पहले खरीदे बकरे
बकरीद से करीब एक माह पहले से मुस्लिमजन ने बकरे खरीद लिए थे। उनका कहना है, इन्हें बच्चों के समान स्नेह दिया जाता है। घर के परिवार के सदस्य के रूप में इनकी देखभाल होती है। जब कुबानज़्ी का टाइम आता है, तो दिल में ददज़् होता है, लेकिन यही कुबानज़्ी अल्लाह को कुबूल होती है।

किस मस्जि़द में कब हुई नमाज
जामा 8.15
शाही 8.00

फतेह 7.55
सारवान 8.00

लाल मस्•िाद 7.50
शिकारी गली 8.00

मिजावज़ड़ी 8.00
भैरवगढ़ 8.30

बड़ी मस्जिद फ्रीगंज 8.30
उमर दमदमा 8.15

मैग्जीन शाह बाबा 8.45
पाण्ड्याखेड़ी 8.45

मस्•िाद धोबीयान 8.00