
सम्पूर्ण ज्ञाता बनने के लिए अब वेदों पर शोध की तैयारी
उज्जैन. वेदों का अध्ययन करने वाले विद्यार्थी उनमें निहित भावार्थ को समझें। इसके अलावा केवल अध्ययन करने के बजाय वेदों पर शोध भी होने चाहिए। यह असीमित ज्ञान का भण्डार है, जो सदियों से चला आ रहा है। इसे चिरकाल तक बनाए रखने के लिए इनमें निरंतर शोध किए जाने चाहिए। वेदाध्ययन करने वाले विद्यार्थी दूसरे विषयों को भी समान रूप से सीखें और उनमें दक्षता हासिल करें। यह ध्यान रखें कि वेद अध्ययन कर हमें केवल कर्मकाण्ड कराने वाले पुरोहित नहीं, बल्कि संपूर्ण ज्ञाता बनना है।
यह बात केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गुरुवार को चिंतामण रोड स्थित महर्षि सांदीपनि वेद विद्या प्रतिष्ठान के परिसर में राष्ट्रीय आदर्श वेद विद्यालय का उद्घाटन करते हुए कही। जावड़ेकर ने कहा महर्षि सांदीपनि वेद विद्या प्रतिष्ठान देश के सारे वेद विद्यालयों को ग्रेण्ड देती है, जिनमें लगभग 6 हजार वेद पढऩे वाले छात्र हैं। आज यहां भी राष्ट्रीय आदर्श वेद विद्यालय का शुभारंभ हो रहा है। यहां विद्यार्थी वेदों के अलावा संस्कृत, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामान्य विज्ञान, योग, कम्प्यूटर आदि विषयों का भी अध्ययन करेंगे। 15 अक्टूबर से इस विद्यालय में कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। इस प्रतिष्ठान में वेद की सभी 9 शाखाओं का अध्ययन होगा। प्रत्येक शाखा के लिए प्रतिवर्ष 10 छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। यह विद्यालय पूर्ण रूप से नि:शुल्क आवासीय विद्यालय रहेगा। इस अवसर पर महर्षि सांदीपनि वेद विद्या प्रतिष्ठान के उपाध्यक्ष प्रो. रविन्द्र अम्बादास मूले, प्रतिष्ठान के सचिव प्रो. विरूपाक्ष.वी जड्डीपाल मौजूद थे। संचालन एवी राव ने किया।
महाकाल मंदिर में दर्शन: उद्घाटन के बाद केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री जावड़ेकर ने महाकाल मंदिर में दर्शन-पूजन किए। इस अवसर पर राजपालसिंह सिसौदिया, सचिन सक्सेना, दिनेश जाटवा अभिषेक शर्मा मौजूद थे। प्रदेश में विधानसभा चुनाव के चलते केंद्रीय स्तर के नेताओ के दौरे लगातार बढ़ रहे है। एक दिन पूर्व ही पेट्रोलियम मंत्री धमेंद्र प्रधान भी महाकाल के पूजन के लिए पहुंचे।
Published on:
28 Sept 2018 07:02 pm
बड़ी खबरें
View Allउज्जैन
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
