
श्री महाकाल लोक के बाद शहर में बढ़ी संख्या में आ रहे यात्रियों अब निगम यात्री कर की वसूली करेगी। यह राशि शहर की होटल और धर्मशालाओं से वसूला जाएगा। निगम ने बजट 2023-24 में लिए गए निर्णय के तहत जाहिर सूचना जारी कर दी है।
उज्जैन. श्री महाकाल लोक के बाद शहर में बढ़ी संख्या में आ रहे यात्रियों अब निगम यात्री कर की वसूली करेगी। यह राशि शहर की होटल और धर्मशालाओं से वसूला जाएगा। निगम ने बजट 2023-24 में लिए गए निर्णय के तहत जाहिर सूचना जारी कर दी है। इसके तहत होटल, लॉज व यात्रीगृह में ठहरने वाले यात्रियों से 5 फीसदी तो धर्मशाला में 3 फीसदी टैक्स लिया जाएगा। वहीं होटल व धर्मशाला संचालकों को महीने के पहले सप्ताह में बकायदा यात्रियों के ठहरने और उनसे जमा राशि का स्वयं निर्धारण कर यात्राकर को निगम के लाइसेंस शाखा में जमा करना होगा।
हर साल 1 करोड़ की आय की उम्मीद
निगम द्वारा यात्री कर के रूप में हर वर्ष 1 करोड़ रुपए से ज्यादा आय की उम्मीद है। दरअसल श्री महाकाल लोक के बाद अमूमन शहर में 1 लाख यात्री रोजाना आ रहे हैं, वहीं पर्व विशेष पर इनकी संख्या 2 से 3 लाख तक होती है। निगम अधिकारी बता रहे हैं, हर महीने यदि 15 लाख यात्री के मान से भी जोड़े तो और इनसे 500 रुपए भी किराया लिया जाता है तो 7.50 करोड़ का व्यवसाय होता है। इसमें भी 3 फीसदी यात्री कर लिया जाता है तो 22.50 लाख रुपए टैक्स के रूप में एकत्र होता है। ऐसे में सालभर करोड़ों रुपए की रेवन्यू एकत्र होगी। बता दें कि शहर में छोटी-बड़ी मिलाकर करीब 350 से ज्यादा होटल, लॉज, धर्मशालाएं हैं।
ऐसे जमा करना होगा यात्री कर
होटल, यात्री गृह व लॉज संचालकों को अपने रजिस्टर में दर्ज यात्रियों की संख्या और उनको दिए गए बिल के आधार पर यात्रा कर का स्व निर्धारण करना होगा। यानी किसी होटल में 30 दिन में 100 यात्री ठहरे हैं और इनसे 1000 रुपए किराया लिया जाता है तो 10 लाख रुपए का 5 फीसदी के मान से 50 हजार रुपए निगम को यात्रा कर के रूप में देना होगा। ऐसा ही धर्मशाला व जमातखाना संचालकों को 3 फीसदी के मान से करीब 30 हजार रुपए देना होगा। हालांकि यह राशि की गणना होटल, यात्रीगृह, लॉज व धर्मशाला द्वारा तय किए गए किराए के मान से की जाएगी।
कर जमा नहीं करने पर 20 हजार तक पेनल्टी
होटल व धर्मशाला संचालकों को तीन माह तक यात्री कर जमा नहीं करने पर पेनल्टी भी वसूली जाएगी। पहली बार में 5 हजार, दूसरी बार में 10 हजार तो तीसरी बार में 20 हजार रुपए पेनल्टी रहेगी। राशि जमा नहीं करने पर होटल सील भी की जाएगी। इसके अलावा स्व कर निर्धारण में कर चोरी पकड़ाने पर 10 से लेकर 30 हजार रुपए तक की पेनल्टी लगेगी।
होटल, लॉज में ठहरना होगा महंगा
नगर निगम द्वारा यात्री कर के रूप में टैक्स वसूली किए जाने से शहर की होटल, धर्मशाला व यात्री गृहों में ठहरना अब ओर महंगा हो जाएगा। होटल ही संचालक ही बता रहे हैं कि निगम को टैक्स देना होगा तो इसका भार यात्रियों पर ही डलेगा। इसके लिए अब कमरों में किराए में 5 या 3 फीसदी अतिरिक्त राशि यात्रियों से ली जाएगी। यानी किसी व्यक्ति को 1 हजार रुपए में कमरा दिया जाता है तो 50 रुपए ज्यादा लिए जाएंगे।
निगम सीमा में मौजूद होटल, धर्मशाला, यात्री गृह, जमातखाना व लॉज में ठहरने वाले यात्रियों द्वारा भुगतान की जाने वाली राशि से यात्री कर लेने की जाहिर सूचना जारी कर दी है। होटल, लॉज व यात्री गृह के लिए 5 तो धर्मशाला व जमातखाना के 3 फीसदी यात्री कर लिया जाएगा।
डॉ. योगेश्वरी राठौर, राजस्व समिति
निगम की ओर से हमें यात्री कर लिए जाने संबंधी कोई सूचना नहीं दी है। अगर कोई जानकारी मिलती है तो आगे देखेंगे किस तरह यह राशि देना है। नियमानुसार नहीं होगा तो लड़ाई लड़ेेंगे।
पं. राजेश त्रिवेदी, अध्यक्ष होटल यात्री गृह एसोसिएशन
Published on:
01 Jun 2023 01:41 am
बड़ी खबरें
View Allउज्जैन
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
