
संशोधित एक्ट के विरोध में सौंपा ज्ञापन,संशोधित एक्ट के विरोध में सौंपा ज्ञापन
उज्जैन. सीएए और एनआरसी के खिलाफ शुक्रवार को तोपखाना में विरोध प्रदर्शन किया गया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया।
मजलिस इत्तेहाद ए उम्मद और शहरकाजी खलीकुर्रेहमान की अगुवाई में जुमे की नमाज के बाद समाजजन तोपखाना में प्रदर्शन के लिए इकट्ठा हुए। हाथों में 'रिजेक्ट एनआरसीÓ, 'रिजेक्ट सीएएÓ जैसे स्लोगन लिखी तख्तियां लिए तोपखाने से लेकर उपकेश्वर चौराहे तक लोग जमा थे। मंच पर भामुमो, भीम आर्मी, अम्बेडकर युवा पीठ के पदाधिकारियों सहित फादर जोसेफ, फादर एन्थोनी और अन्य धर्म के लोग भी मौजूद थे। सभी ने सीएए और एनआरसी को असंवैधानिक बताते हुए समाज को तोडऩे वाला कानून बताया। अंत में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के नाम एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया, जिसमें इस एक्ट को रद्द करने की मांग की गई।
एबीवीपी ने किया सीएए का समर्थन
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व में सीएए कानून का समर्थन किया गया। महानगर मंत्री सौरभ तिवारी ने बताया कि इस एक्ट से भारत के मूल निवासियों को कोई खतरा नहीं है, यह नागरिकता छीनने वाला नहीं, अपितु प्रदान करने वाला कानून है। वर्षों से एबीवीपी द्वारा इसको पास कराने की मांग की गई है। 2008 में भी हजारों छात्रों ने बांग्लादेश घुसपैठ के विरोध में बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जाकर विरोध प्रदर्शन किया था तथा एक्ट के पास होने के बाद देशभर के लोगों में भ्रम की स्थिति दूर करने के लिए सीएए के समर्थन में जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें छात्रों का सहयोग मिल रहा है। इस मौके पर संगठन मंत्री आशीष शर्मा, जिला संयोजक अंशुल नाहर, विभाग संयोजक दुष्यंत मालवीय, प्रांत सहमंत्री शालिनी वर्मा, अभिषेक राठौर एवं विद्यार्थी परिषद के समस्त कार्यकर्ता मौजूद थे।
Updated on:
21 Dec 2019 12:42 am
Published on:
21 Dec 2019 12:41 am
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