
Shriram Katha,Shriram Janmotsav,
उज्जैन. मानस गाएं हर पहर, सारे दु:ख हर लेंगे हर, लेकिन राम भक्ति के लिए सदैव शिवकृपा जरूरी है। ये दोनों संयोग मिलने पर ही जीवन का उद्धार संभव है। यह उद्गार कथा व्यास पं. सुलभ शांतुगुरु महाराज ने सामाजिक न्याय परिसर में शुरू हुई श्रीराम कथा के प्रथम दिवस व्यास पीठ से व्यक्त किए।
विशाल चरण पादुका आकर्षण का केंद्र
भोपाल से बनकर आई २० बाय १० फीट की विशाल पादुका के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने पंडाल में प्रवेश किया। इसके सम्मुख ४१ फीट ऊंची ध्वजा लगाई गई है। शुक्रवार दोपहर २.३० बजे कथा आरंभ होगा और फूलों की होली के साथ श्रीराम जन्मोत्सव मनेगा।
7 अध्यायों में सात पीढ़ी समाई
कथा व्यास पं. सुलभ शांतुगुरु महाराज ने रामचरित मानस के 7 अध्यायों को जीवन की सात सीढिय़ों के समान बताया। वे बोले जो दुर्लभ को सुलभ कर दे, वहीं मानस है। इसके सात कांड बाल, अयोध्या, किश्किंधा, अरण्य, सुंदरकांड, लंका व उत्तरकांड ये सभी बाल्य अवस्था से लेकर जीवन के अंतिम पड़ाव के लिए आदर्श उदाहरण है। इन्हें जो जान लें उसका कल्याण तय है। प्रथम दिवस शिव विवाह प्रसंग का वर्णन किया गया व सुमधुर लहरियों के साथ रामजी के भजन भी गाए गए जिस पर श्रोता झूम उठे। आरती उपरांत प्रसाद वितरण हुआ।
मंच पर महाकाल शिखर की प्रतिकृति
कथा मंच पर व्यास पीठ के पीछे महाकाल शिखर, दायीं ओर महादेव व बायीं ओर हनुमान जी की प्रतिकृति लगाई गई है। प्रवेश द्वार पर भव्य ध्वजा व श्रीराम धनुष चित्र शोभायमान है।
आरती श्री रामायण जी की....
बाबा बाल हनुमान भक्त मंडल के राजेशसिंह भदौरिया व खाटू श्याम पारमार्थिक ट्रस्ट के अजेश अग्रवाल के अनुसार गुरुवार को निगम सभापति सोनू गेहलोत, पं. शुभकरण शर्मा, पार्षद रेखा गेहलोत, एडवोकेट जियालाल शर्मा, अर्जुन प्रजापति जयपुर , महेश सोनी, किशोरसिंह भदौरिया, रोशन यादव आदि ने आरती की। यजमान प्रवीण ठाकुर व शिवराम गोयल रहे। प्रहलाद दाढ़ व सीताराम अग्रवाल मानस सिर पर लेकर पहुुंचे। देवास के माहेश्वरी महिला मंडल की सदस्याओं ने भी आरती कर व्यास पीठ पूजन किया।
Published on:
05 Jan 2018 07:45 am
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