
(फोटो सोर्स: सोशल मीडिया)
MP News: निगम परिषद सम्मेलन में फ्रीगंज में 1998 से अटके पोर्च एरिया पर निर्माण को लेकर बड़ा फैसला लिया। नई पॉलिसी को स्वीकृति के लिए भोपाल भेजा जाएगा। इसके तहत पोर्च के हवाई हक पर निर्माण को 30 साल की लीज पर दिया जाएगा। इसके लिए करीब 25 से अधिक शर्तें तय की। अगर यह नीति मंजूर होती है तो 1661 मकानों में से 753 मकानों के बाहर बने पोर्च वैध हो सकेंगे और निगम को राजस्व भी मिलेगा। वर्तमान में 908 मकानों में पोर्च नहीं है और 753 में पोर्च बने हुए हैं।
निगम सभापति कलावती यादव की अध्यक्षता में निगम समेलन के एजेंडे में 15 बिंदू रखे गए थे। प्रस्ताव अनुसार, पोर्च के हवाई हक पर निर्माण को 30 साल के लिए लीज पर दिया जाएगा, जिसमें 25 से अधिक शर्तें तय की गई हैं। इस पर विपक्ष के नेता रवि राय ने बिना नीलामी और एमओएस (मेमोरेंडम ऑफ स्टैंडिंग) के तहत निर्माण की अनुमति को नियमविरुद्ध बताया और कहा कि शासन से मंजूरी मिलना मुश्किल है। इस पर एमआईसी सदस्य शिवेंद्र तिवारी ने जवाब दिया कि चूंकि पोर्च भवनों से जुड़ा है, अत: नीलामी संभव नहीं। अनिल गुप्ता ने पॉलिसी को व्यापारी हित में बताया।
सभापति यादव ने कहा कि फ्रीगंज को 200 साल आगे की सोच के साथ विकसित किया जा रहा है। साथ ही अपर आयुक्त पवन सिंह को अतिक्रमण हटाकर प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए। समेलन में महापौर मुकेश टटवाल, डॉ. योगेश्वरी राठौर, रजत मेहता, प्रकाश शर्मा, निर्मला करण परमार, माया त्रिवेदी, सपना सांखला, निगमायुक्त आशीष पाठक, अपर आयुक्त पवनसिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
सदन में चार सड़कों के चौड़ीकरण को स्वीकृति दी गई। इस चर्चा में नेता प्रतिपक्ष रवि राय ने कहा कि चौड़ीकरण में बड़ी संख्या में शहरवासी प्रभावित हो रहे हैं, उन्हें मुआवजा मिलना चाहिए, कम से कम निर्माण के लिए राशि मिले। राय ने निगम सभापति कलावती यादव से कहा कि राखी पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से 100 करोड़ रुपए मांगें ताकि मुआवजा दिया जा सके। पार्षद सपना सांखला ने केडी गेट चौड़ीकरण की समस्याओं को उठाया। एमआइसी सदस्य प्रकाश शर्मा ने कहा कि लोग चौड़ीकरण का आगे रहकर स्वागत कर रहे हैं।
Published on:
27 Jun 2025 01:51 pm
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