
using social media keep alertness
उज्जैन. कालिदास कॉलेज में शुक्रवार को भाजपा की सोशल मीडिया टीम की कार्यकर्ता छात्राओं के बीच पहुंची। पार्टी द्वारा एक प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए छात्राओं से फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। हालांकि कैम्पस में इस तरह की राजनीतिक गतिविधि प्रतिबंधित है, लेकिन सत्ताधारी दल से जुड़े होने के चलते यह कार्यकर्ता प्राचार्य और शिक्षक सभी को सीधे निर्देश तक दे रही है।
विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही राजनीतिक पार्टी युवा और विद्यार्थियों में पकड़ मजबूत कर रही है। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी अपनी-अपनी गतिविधि कैम्पस में बढ़ा रही है। हालांकि इन गतिविधियों में भाजपा कांग्रेस से ज्यादा आगे निकलती हुई नजर आ रही है। भाजपा की आइटी-सोशल मीडिया सेल की तरफ से एक मिस सोशल नाम से प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए छात्राओं से फॉर्म भरवा जा रहे हैं।
सोशल मीडिया की जानकारी जुटा रहे
फॉर्म में छात्राओं से फेसबुक, इंस्ट्राग्राम, वाट्सएेप, ट्विटर सहित अन्य सोशल मीडिया पर सक्रिय होने की जानकारी मांगी जा रही है। इसी के साथ वह मोदी एेप, शिवराज एेप से जुड़ी हैं उन्हें किस शासकीय योजना का लाभ मिल रहा है।
एबीवीपी पदाधिकारी भी सक्रिय
कॉलेज कैम्पस में चल रही राजनीतिक गतिविधियों में उनकी छात्र इकाई भी काफी सक्रिय है। कांग्रेस समर्थित छात्रसंगठन तो सीधे-सीधे काम रहे है, लेकिन खुद को भाजपा से अलग बताने वाले एबीवीपी के पदाधिकारी भी कैम्पस में राजनीतिक गतिविधि में सक्रिय है। कालिदास कॉलेज में एबीवीपी और छात्रसंघ के पदाधिकारी भाजपा के फार्म जमा करने में लगे हुए है।
छात्रसंघ की अभी तैयारी नहीं
प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव को लेकर शासन गंभीर नहीं दिखाई दे रहा है। पिछले सत्र में अप्रत्यक्ष रूप से छात्रसंघ चुनाव है। यह प्रक्रिया भी करीब ९ साल बाद हुई। इस दौरान भी शासन ने पहले सरकारी कॉलेज व विवि कैम्पस में चुनाव करवाए। मामला न्यायालय में पहुंचा। तो फिर निजी कॉलेज में भी चुनाव प्रक्रिया हुई।
Published on:
08 Sept 2018 06:53 pm
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