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शिवरात्रि पर प्री-बुकिंग कराने वाले भक्तों को मिलेंगे दर्शन, महाकाल बनेंगे दूल्हा

- दर्शन के लिए एडवांस बुकिंग के लिये खोली गई लिंक - शुक्रवार को 25 हजार की संख्या दोपहर में हुई फुल- महाकाल मंदिर में शिवरात्रि पर्व तय संख्या में मिलेगा प्रवेश

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उज्जैन. महाकाल की नगरी उज्जैन में शिवरात्रि की तैयारियां जोरों पर हैं। बाबा महाकाल के दूल्हा दर्शन करने के लिये देशभर से लोग आने के लिये रिजर्वेशन करा चुके हैं। ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में शिवरात्रि उत्सव शुरु हो गया है। बाबा महाकाल दूल्हा बनेंगे और महाशिवरात्रि तक बाबा के नौ दिन तक नौ रूपों में श्रृंगार किया जा रहा है। महाकाल के नौ स्वरूपों और शिवरात्रि पर विशेष दर्शन के लिये भक्तों ने एडवांस बुकिंग हो गई है। मंदिर समिति की साइट पर शुक्रवार को एडवांस बुकिंग शुरु होते ही 25 हजार की संख्या दोपहर तक पूरी हो गई।

25 हजार दर्शनार्थियों की प्री-बुकिंग

महाशिवरात्रि पर इस बार कोरोना का साया नजर आ रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर सीएम शिवराजसिंह चौहान ने भोपाल में बैठक में निर्णय लिया कि महाकाल मंदिर में 25 हजार दर्शनार्थियों को ही प्री-बुकिंग सिस्टम से प्रवेश दिया जाए। शुक्रवार को लिंक खोली गई। तय संख्या दोपहर 2 बजे से पहले ही फुल हो गई, इसके बाद सारे स्लॉट लाल हो गए, जो लोग रह गए थे, उन्हें मंदिर में आकर दर्शन करने का मौका इस साल नहीं मिल सकेगा। महाकाल मंदिर में शिवरात्रि पर्व की धूम इस बार फीकी रहेगी। हर बार लाखों का सैलाब उमड़ता था, लेकिन कोरोना संक्रमण के बचाव के चलते इस बार ऐसा नहीं होगा। श्री महाकालेश्वर मंदिर में 3 मार्च से शिवनवरात्रि पर्व प्रारंभ हुआ। 4 मार्च को शिव नवरात्रि के चलते बाबा महाकाल का शेषनाग शृंगार किया गया। तीसरे दिन घटाटोप शृंगार से सजाया गया। शनिवार को छबीना शृंगार किया जाएगा।

आरती और पूजन का समय बदला
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में सालभर सुबह 10:30 बजे भोग आरती होती है वही शाम 5 बजे बाबा महाकाल की संध्या आरती की जाती है। शिवरात्रि उत्सव में भगवान महाकालेश्वर पूजन-आरती का समय बदल जाता है। उत्सव के दिनों में दोपहर 1 बजे के बाद भोग आरती होती है और संध्या पूजन दोपहर तीन बजे हो जाती है। इसके बाद बाबा का श्रृंगार किया जाता है।