
Raksha Bandhan 2020 : rafale fighter jets rakhi to be tied on the wrist of bade ganesha
उज्जैन। त्योहारों का सिलसिला शुरू हो रहा है, ऐसे में श्रद्धालु किसी न किसी प्रकार से ईश्वर के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा प्रकट करते ही हैं। शहर में एक अनोखा गणेश मंदिर है, जिसे बड़े गणेश के नाम से जाना जाता है। हर साल यहां 51 फीट बढ़ी राखी बांधी जाती है। इस बार का रक्षाबंधन ( Raksha Bandhan 2020 ) इसलिए भी खास है, क्योंकि बड़े गणेश को 'राफेल' वाली राखी बांधी जाएगी।
रक्षाबंधन पर वैसे तो बच्चों में तरह-तरह की राखी बांधने और बंधवाने का उत्साह होता है। कोई डोरेमान, कोई गणेश, कोई सुपरमेन तो कोई छोटा भीम वाली राखी बंधवाना चाहता है। इसी प्रकार उज्जैन के बड़े गणेश मंदिर में हर साल 51 फीट की राफेल वाली राखी ( rafale fighter jets ) बांधी जाती है।
51 फीट बड़ी होगी राखी :-:
गणतंत्र के आराध्यदेव भगवान को इस बार भी 51 फीट की राखी बांधी जाएगी। इस बार खास यह है कि इस राखी में अखंड भारत का नक्शा होगा और उसमें राफेल लड़ाकू विमान वाली राखी बांधी जाएगी। रक्षाबंधन के दिन दोपहर में 12 बजे अभिजीत मुहूर्त है। इसी मुहूर्त में राष्ट्र रक्षा की कामना के साथ अनुष्ठान भी होगा और राखी बांधी जाएगी। इस अनोखी राखी का निर्माण भी जोर-शोर से चल रहा है।
विदेशों के लोगों की भी है श्रद्धा :-:
बताया जाता है कि इस मंदिर में विदेशों में रहने वाली बहनें बड़े गणेशजी के लिए राखी भेजती हैं। इस बार मध्यप्रदेश के भोपाल, मुंबई, लखनऊ समेत लंदन में रहने वाली बहनें राखी भेजी गई है। इनके अलावा अमेरिका में रहने वाले उज्जैन के लोग भी बड़ी संख्या में राखी भेजते हैं। उनके आग्रह पर उज्जैन शहर से ही राखी खरीदकर उनकी तरफ से भगवान को अर्पित कर दी जाती है।
आजादी के वक्त भी होता था अनुष्ठान :-:
ज्योतिर्विद पं. आनंद शंकर व्यास के मुताबिक बाल गंगाधर तिलक ने सभी को एकत्र होने और बच्चों में संस्कार डालने के उद्देश्य से गणेशोत्सव की शुरुआत की थी। उन्हीं से प्रेरित होकर दादाजी पं. नारायण व्यास ने बड़े गणेश की स्थापना उज्जैन नगर में की थी। तब देश की आजादी के लिए इस मंदिर में लगातार अनुष्ठान किया जाता था। यहां स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को आश्रय भी मिलता था।
इस बार आयुष्मान योग भी है:-:
तीन अगस्त को रक्षा बंधन पर इस बार सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ ही आयुष्मान योग भी पड़ रहा है। श्रावण नक्षत्र का साक्षी पर्व भी शुभ फलों में बढ़ोत्तरी करेगा। ज्योतिषियों के मुताबिक सुबह 10.30 बजे से रात्रि 8.33 तक राखी बांधने का विशेष शुभ मुहूर्त है। दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक शुभ व अमृत के चौघड़िया उत्तम रहेगा।
Updated on:
01 Aug 2020 12:35 pm
Published on:
30 Jul 2020 11:51 am
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