
उज्जैन में उफनी शिप्रा नदी, छोटे पुल के ऊपर से बह रहा पानी, रामघाट और कई मंदिर डूबे।
Rain Alert in Ujjain: 17 जुलाई के बाद 28 जुलाई को एक बार फिर तेज बारिश ने शहर को भीगो दिया। रविवार को सुबह से ही काले घने बादलों ने ऐला डेरा जमाया कि सोमवार को भी यहां बारिश का दौर जारी है। पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश के बाद शहर की सड़कें जलमग्न हो चुकी हैं। वहीं कई मंदिरों में पानी घुस गया है।
जीवाजी वैधशाला (Jeewaji Vaidhshala) के अधीक्षक डॉ. आरपी गुप्त ने बताया कि अगले दो से तीन दिन यहां तेज बारिश (Heavy Rain Alert for next 2 or 3 days) होने की संभावना है। 24 घंटे में 2.67 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है।
लगातार हो रही बारिश के कारण उज्जैन के नागदा में चंबल नदी का पानी किनारे छोड़ते हुए यहां स्थित चामुंडा माता मंदिर तक पहुंच गया है। ऐसे में यहां श्रद्धालु यहां पुल से ही माता मंदिर के दर्शन कर रहे हैं।
सोमवार को बाबा महाकाल की सवारी (Mahakal Sawari) निकलने के कारण जिला प्रशासन ने रविवार को स्कूल खोलने के आदेश दिए थे। इसलिए यहां रविवार को स्कूल खुले, लेकिन सुबह से शुरु हुई भारी बारिश के कारण स्कूलों में बच्चों की संख्या कम रही। कई बच्चे भीगते हुए स्कूल पहुंचे, वहीं शिक्षकों को भी 10.30 से शाम 5 बजे तक ड्यूटी देनी पड़ी। लेकिन आज सोमवार 29 जुलाई को महाकाल सवारी का उत्सव रहने के कारण स्कूल आज 29 जुलाई को बंद रहे।
शहर में सुबह से हो रही तेज बारिश ने जहां शहर की सडक़ों पर जल जमाव की स्थिति पैदा की, वहीं देवास और इंदौर में भी ज्यादा बारिश के कारण रपट और छोटा पुल शिप्रा ने लांघ दिया है। रामघाट सहित अन्य घाट भी डूब गए हैं।
लगातार हो रही बारिश के कारण कई कॉलोनियो में पानी भर गया है। सड़कें जलमग्न हो गई हैं। दो पहिया और चारपहिया वाहनों को निकलने में परेशानी हुई। नीलगंगा, एटलस चौराहा, केडी गेट, फ्रीगंज, दशहरा मैदान सहित कई सड़कें डूब गईं।
रविवार सुबह 10.30 बजे गरज-चमक के साथ उज्जैन में झमाझम बारिश शुरू हुई जो 12.30 बजे तक चली। उसके बाद शाम को एक बार फिर यहां रिमझिम का दौर जारी था। तेज बारिश से नालियां उफनी, सड़कें जलमग्न हो गईं। कई निचले क्षेत्रों में पानी भर गया। ढांचा भवन सहित कई कॉलोनियों की खराब सड़कों पर कीचड़ पसर गया।
सड़कों पर घूमते श्वान और मवेशियों के साथ बारिश से बचने के जतन करते लोगों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। शहर और आसपास के क्षेत्रों में हुई लगातार बारिश से शिप्रा नदी उफान पर है और एक बार फिर छोटा पुल लांघकर शहर की ओर बहने लगी। यहां रामघाट डूब रहा है। रामघाट के कई मंदिर डूब गए हैं।
बारिश के कारण उज्जैन में न्यूनतम तापमान 24.4 और अधिकतम 26.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्द्रता सुबह 93 और शाम को भी 93 प्रतिशत आंकी गई।
बारिश के कारण उज्जैन में न्यूनतम तापमान 24.4 और अधिकतम 26.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्द्रता सुबह 93 और शाम को भी 93 प्रतिशत आंकी गई।
रविवार शाम 5 बजे तक 68.4 मिमी दर्ज की गई। अभी तक 371.4 मिमी बारिश हुई है। हवा सुबह 4 और शाम को 8 किमी प्रतिघंटा की रतार से चली।
शहर के साथ जिलेभर में बारिश का दौर चल रहा है। जिले में जून-जुलाई के मानसून सीजन में अब तक 13.60 इंच बारिश हो चुकी है। जबकि औसत बारिश 15.32 दर्ज की जाती है। यानी इस सीजन में यहां औसत बारिश 15.32 से 1.72 फीसदी बारिश कम दर्ज की गई है।
रविवार तक उज्जैन तहसील में 34, घट्टिया में 22, खाचरौद में 20, नागदा में 32.3, बडऩगर में 22, महिदपुर में 51, झारड़ा में 80, तराना में 53 और माकड़ौन में 60 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
Updated on:
29 Jul 2024, 3:50 PM IST
Published on:
29 Jul 2024, 3:46 PM IST
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