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शैव महोत्सव – विद्वानों की मामूली से गलती से गिर रही साख

शैव महोत्सव : देशभर में वितरित फोल्डर में अनेक प्रूफ मिस्टेक

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Shaiv ​​Festival: Many Proof Mistakes in Distributed Folders across the country

उज्जैन. बारह ज्योतिर्लिंगों के महात्म्य को विश्व स्तर पर प्रसारित करने के साथ, हिन्दू धर्म-संस्कृति और दर्शन पर चिंतन-मनन, हिन्दू धर्म संस्थाओं में पूजा पद्धति, ज्योतिर्लिंगों के प्रबंधन की एकरूपता के लिए शैव महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। विद्वानों के इस आयोजन के लिए देशभर में वितरित हो चुका फोल्डर अनेक त्रुटियों से भरा है। प्रूफ मिस्टेक के कारण पूरे फोल्डर में अनेक जगह ज्योतिर्लिंग ही गलत प्रकाशित हुआ है।

उज्जैन में द्वादश ज्योतिर्लिंग समागम शैव महोत्सव का आयोजन 5, 6 एवं 7 जनवरी २०१८ को होगा। शैव महोत्सव का मुख्य उद्देश्य विश्व स्तर पर द्वादश ज्योतिर्लिंगों के महात्म्य को प्रसारित करना है। साथ ही आध्यात्मिक मनोभाव के साथ उज्जयिनी नगरी को धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है। महाकाल मंदिर प्रबंध समिति और मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय शैव महोत्सव में देशभर के विद्वान, धर्माचार्य, ११ ज्योतिर्लिंगों के पुजारी-पुरोहित, प्रतिनिधि उज्जैन आएंगे और ज्योतिर्लिंगों पर चर्चा करेंगे।


शायद प्रूफ ही चेक नहीं किया
शैव महोत्सव के लिए प्रकाशित फोल्डर में हिंदी तक सही नहीं लिखी गई। वहीं इसमें छपे एक श्लोक में भी वर्तनी और शब्दों की त्रुटियां हैं। फोल्डर का काम महाकाल मंदिर प्रबंध समिति के जिम्मे था, लेकिन जिम्मेदार फोल्डर को अंतिम रूप देने से पहले प्रूफ चेक करना भूल गए। फोल्डर में ज्योतिर्लिंग, प्रबंध, संस्कृति, पद्धति विद्वान सहित अनेक शब्द गलत हैं। श्लोक में भी वर्तनी-शब्दों की गलती है। आयोजन का फोल्डर के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार किया जा रहा है। वहीं विद्वानों के अलावा कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत, केंद्रीय मंत्री, प्रदेश के मुख्यमंत्री शामिल होने वाले हैं और फोल्डर में कई त्रुटियां बड़े सवाल खड़े करती हैं। जानकार और विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक डॉ. भगवतीलाल राजपुरोहित को फोल्डर के संबंध में अवगत कराया तो उन्होंने कहा कि सब प्रूफ की मिस्टेक है।

१२ ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियों का निर्माण शुरू

शैव महोत्सव पर शोभायात्रा के साथ १२ ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियों की झांकी का निर्माण किया जा रहा है। आयोजन राजाधिराज महाकाल की शाही सवारी की तरह होगा। आयोजन समिति के उपाध्यक्ष पं. प्रदीप गुरु ने बताया ५ जनवरी की सुबह महोत्सव उद्घाटन के बाद शाम को ४ बजे महाकाल मंदिर से शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में ०८ बाय ३० के १२ बड़े ट्रॉलों पर ज्योतिर्लिंग मंदिरों की प्रतिकृति-झांकी होगी। हरसिद्धि की पाल स्थित छोटे रुद्रसागर के बगीचे में प्रतिकृतियों का निर्माण शुरू हो गया है। शनिवार को प्रभारी कलेक्टर विजय जे. सहित कई अधिकारियों ने ट्रॉले व प्रतिकृति निर्माण का अवलोकन किया। पं. प्रदीप गुरु ने उन्हें बताया शोभायात्रा में स्थानीय और देश के अन्य प्रांतों के बैंड़, सांस्कृतिक दल भजन मंडली, उज्जैन का मलखंभ दल शामिल रहेगा। सांस्कृतिक दलों के साथ मुख्य आकर्षक दक्षिण भारत का पेशवाई दल होगा। १५० से अधिक सदस्य संगीत के बीच कला का प्रदर्शन करते हुए चलेंगे।