
कोर्ट ने फैसले में कहा कि आरोपी ने घृणित कृत्य तो किया ही है समाज में व्याप्त नैतिक सिद्धांत एवं संबंधों को भी प्रभावित
उज्जैन. रिश्तों को शर्मसार कर अपनी मौसी की लड़की के साथ बलात्कार करने वाले मंदसौर निवासी आरोपी को कोर्ट ने 10 की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी विवाह के नाम पर बहलाफुसलाकर मौसेरी बहन को मंदसौर ले गया था। कोर्ट ने अपने फैसले में टिप्पणी भी की कि आरोपी ने घृणित कृत्य तो किया ही है, समाज के नैतिक सिद्धांत एवं संबंधों को भी प्रभावित किया है।
उप-सचांलक डॉ साकेत व्यास ने बताया कि कि पीडि़ता की मां ने 20 दिसंबर 2017 को चिमनगंजमंडी थाने आकर अपनी बेटी के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। मां ने बताया था कि घटना वाले दिन पीडि़ता एवं फरियादी की मां दोनों घर पर थी। दोपहर 2.30 बजे उसकी लड़की बिना बताए घर से कहीं चली गई। बेटी के नहीं मिलने पर उसने व उसके लड़के ने आसपास व रिश्तेदारी में तलाश किया किन्तु कहीं उसका पता नहीं चला। बाद में उउसे शंका हुई कि उसकी लड़की को कोई बहला फुसलाकर कहीं ले गया है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने लड़की को आरोपी के घर से बरामद किया। पूछताछ में पीडि़ता ने बताया कि आरोपी उसे विवाह के लिए अपहरण कर मंदसौर ले गया था। मंदसौर में उसने एक महिला के घर में छिपा कर रखा था। इसी दौरान उसके साथ बलात्कार भी किया था। पुलिस ने जांच के बाद कोर्ट में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर न्यायालय षष्ठम अपर सत्र आरती शुक्ला पाण्डेय ने आरोपी को धारा 376, (9) एन, 37६(2) एनफ में 10-10 वर्ष का कठोर कारावास एवं चार हजार रुपए का अर्थदंड, धारा 343 में छह माह तथा धारा 506 भाग 2 में एक वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई। यह सभी सजा साथ-साथ चलेगी। वहीं महिला को संदेह के अभाव में न्यायालय द्वारा दोषमुक्त कर दिया।
Published on:
07 Nov 2019 08:00 am
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