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बंजर भूमि और छतों पर हो रही है बिजली की खेती

सौर ऊर्जा से हो रहा करोड़ों यूनिट बिजली का उत्पादन, तहसीलों में प्राइवेट कंपनियों ने लगाए सोलर प्लांट

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उज्जैन. ग्रीन एनर्जी का पर्याय बन रही सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उज्जैन एक नई पहचान बना रहा है। यहां बंजर भूमि से लेकर छतों तक बिजली की खेती की जा रही है। एक ओर भवनों की छतों पर सोलर प्लेट लग रही है तो खाली जमीनों पर सोलर प्लांट स्थापित हो रहे हैं। इसके चलते लाखों यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है। एक अनुमान के मुताबिक पिछले वर्षों में एक हजार करोड़ यूनिट से ज्यादा का बिजली का उत्पादन हो चुका है। बिजली के इस उत्पादन से बिजली कंपनी का लोड भी कम हो रहा है। वर्तमान में बड़नगर, घट्टिया, महिदपुर, तराना तहसीलों में बिजली का उत्पादन हो रहा है। अकेले उज्जैन शहर में ही 85 से अधिक सोलर सिस्टम लगाए गए हैं, इससे 30 फीसदी तक बिजली की बचत हो रही है। प्रदेश में उज्जेन ऐसा पहला शहर है, जहां पर फिल्टर प्लांट सोलर एनर्जी से संचालित हो रहे हैं।

पॉवर प्लांट बना रहे करोंड़ों यूनिट बिजली
जिले में सोलर पॉवर पैक्स योजना के तहत निजी कंपनियों ने सोलर प्लांट लगाए हैं। यह कंपनियां उत्पादित बिजली को पॉवर परचेस एग्रीमेंट के तहत करोड़ों यूनिट बिजली को बिजली कंपनी को बेच रही है। तराना तहसील के कड़ोदिया, सिद्धपुर निपानिया तथा डेलची में पिछले वर्ष 127.75 करोड़ यूनिट बिजली बनी थी। इसके अलावा बड़नगर,घट्टिया, महिदपुर व नजरपुर में भी बिजली बन रही है। इन क्षेत्रों में पिछले वर्ष में 100 करोड़ यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन हुआ। खास बात यह कि निजी कंपनियां बंजर भूमि पर प्लांट लगा कर बिजली बना रही है।

250 मेगावॉट से ज्यादा बिजली का उत्पादन
जिले में सोलर व विंड पॉवर मिलाकर करीब 250 मेगावॉट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। इसमें कैप्टिक पावर सहित एमपीयूवीएन से 2.5 मेगावॉट, नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के सोलर पॉवर पैक्स से 127 मेगावॉट तथा विंड पॉवर से 110 मेगावॉट बिजली उत्पादित हो रही है। इसके अलावा छतों, फिल्टर प्लांट से अतिरिक्त बिजली बनाई जा रही है।

सरकारी भवनों पर सोलर सिस्टम
शहर के स्मार्ट सिटी होने के चलते सौर ऊर्जा को लेकर पिछले दो-तीन सालों में तेजी से काम बढ़ा है। जिले में स्मार्ट सिटी के तहत करीब 75 से अधिक सरकारी भवनों की छतों का चयन किया गया है। इसमें स्कूल, शासकीय अस्पताल, पंचायत, कलेक्टोरेट भवन सहित अन्य जगह है। इनमें से अधिकांश
जगह सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं अधिकारी बता रहे हैं कि सभी छतों पर सोलर सिस्टम लगते हैं तो 500 किलो वॉट से अधिक बिजली का उत्पादन होगा। शहर में उंडासा, गऊघाट व अंबोदिया फिल्टर प्लांट पर 1.4 मेगावॉट के सिस्टम लगाए गए हैं। जो सफलता पूर्वक संचालित हो रहे हैं।

1 हजार बीघा पर 100 मेगावॉट का प्रोजेक्ट
जिले की नागदा तहसील में एक हजार बीघा जमीन पर 100 मेगावॉट का सोलर पार्क प्रोजेक्ट को भी मंजूरी मिली है। इस प्रोजेक्ट को लेकर जमीन के सीमाकंन का काम शरू कर दिया गया है। इसको लेकर केंद्र से अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया है। यह प्रोजेक्ट आकार लेता है तो नागदा के औद्योगिक क्षेत्र के साथ शहर में बिजली की एक बड़ी सौगात मिलेगी।