
कुएं और तालाब के पानी को साफ करेगी ये खास पद्धति, इस धार्मिक कुंड से हुई शुरुआत
उज्जैन. कुएं-तालाब के पानी को साफ करने के लिए बायो एंजाइम्स पद्धति का उपयोग किया जा रहा है। उज्जैन में भी क्षीरसागर कुंड में पहली बार इसका प्रयोग किया गया है। प्रयोग करने वाली संस्था ने तीन-चार दिन में प्रभाव पड़ने और पानी साफ होने का दावा किया है। कुछ दिन बाद एक फिर बायो इंजाइम्स डाला जाएगा। प्रयोग सफल होता है तो शहर के अन्य जल स्त्रोतों में भी इसका उपयोग किया जा सकता है।
बायो एंजाइम उद्यमी अकादमी बैंगलोर और रूपांतरण सामाजिक एवं जनकल्याण संस्था के प्रयास से क्षीरसागर कुंड में बायो एंजाइम डालने का प्रयोग किया गया है। कुंड में फायर फाइटर के माध्यम से बायो एंजाइम डाला गया। बायो एंजाइम्स के नागेश व्यास और रोहन गुप्ता और संस्था रूपांतरण के राजीव पाहवा ने बताया कि बायो एंजाइम पानी के साथ मिल इसकी शद्धता बढ़ाता है। पानी में एेसे तत्व जो जलजीवों के लिए आहार बन सकते हैं, उन्हें आहार योग्य बनाता है।
गंदगी खुद ब खुद हो जाती किनारे पर इकट्ठा
इसके अलावा अन्य गंदगी-कचरे को यह सतह पर जमा कर देता है। इससे पानी साफ हो जाता है। कुछ दिनों बाद दूसरी बार फिर बायो एंजाइम डाला जाएगा जिसका असर लंबे समय तक रहेगा। प्रयोग के दौरान पूर्व निगम सभापति सोनू गहलोत, निगम आयुक्त अंशुल गुप्ता, कार्यपालन यंत्री पीयूष भार्गव मौजूद थे।
6 हजार लीटर पानी में डाला गया 100 लीटर एंजाइम
पाहवा ने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर कुछ महीनों से कार्य चल रहा है। मंगलवार को मॉकड्रिल के बाद अगले दिन फायर ब्रिगेड के वाहन से क्षीरसागर कुंड में बायो एंजाइम डाला गया है। 6 हजार लीटर पानी की टेंक में 100 लीटर बायो एग्जाइम घोला गया था।
Published on:
16 Mar 2022 10:44 pm
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