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महाकाल दर्शन के लिए रात 2 बजे से लगी लाइन, मंदिर के पट खुलते ही श्रद्धालुओं में मची भगदड़

जानिए महाशिवरात्रि पर भगवान महाकाल की पूजा का पूरा कार्यक्रम

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उज्जैन. महाशिवरात्रि पर भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में भक्तों का जमावड़ा लग गया है। महाकाल मंदिर के पट सुबह 3 बजे से ही खोल दिए गए. अब 2 मार्च को रात्रि की शयन आरती के बाद पट ही बंद होंगे। मंगलवार को सबसे पहले भस्म आरती हुई जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। महाकाल के पट खुलते ही चार धाम मंदिर पर श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई। कई बैरिकेड्स गिर गए, पुलिस को व्यवस्थाएं संभालने में मुश्किल आ रही है।

यहां देर रात 2 बजे से मंदिर के बाहर लाइन लगनी शुरू हो गई थी। तड़के 3 बजे पट खुलते ही भगदड़ मच गई। पुलिस के मेटल डिटेक्टर भी गिर गए. पुलिस जवानों ने बमुश्किल स्थिति संभाली. मंदिर में सुबह भस्म आरती में सबसे पहले भगवान महाकाल को जल चढ़ाया गया. इसके बाद पंचामृत अभिषेक पूजन में दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से अभिषेक किया गया। इस दौरान भांग से अद्भुत श्रृंगार किया गया।

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भस्म आरती के बाद प्रात: 7:30 से 8:15 तक दद्योदक आरती हुई, 10:30 से 11:15 बजे तक भोग आरती होगी। दोपहर 12 से 1 बजे तक तहसील की ओर से अभिषेक-पूजन होगा। शासकीय पूजन के बाद होलकर और सिंधिया परिवार द्वारा वंशपरंपरानुसार पूजा होगी। इसके बाद श्री महाकालेश्वर भगवान की सायं 6 बजे की आरती होगी। रात्रि 7 से 10 बजे तक कोटितीर्थ कुंड पर स्थित कोटेश्वर महादेव का पंचामृत पूजन और सप्तधान अर्पण के बाद पुष्प मुकुट श्रृंगार आरती होगी।

मंदिर में रात 11 बजे से शुरू होगी महापूजा
महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर में मंगलवार रात 11 बजे से गर्भगृह में श्री महाकालेश्वर भगवान की महापूजा और अभिषेक होगा. इस दौरान महाकाल की भस्म धूलन, रुद्राक्ष माला धारण, भू शुद्धि, भूत शुद्धि, अंतर्मात्रिका, बर्हिर्मात्रिका, महान्यास, लघुन्यास, रूद्र पूजन, पंचवत्र पूजन भी होगा। शिव सहस्त्र नामावली से श्री महाकालेश्वर को बिल्वपत्र अर्पित किए जाएंगे।

महाशिवरात्रि के दूसरे दिन 2 मार्च को साल में एक बार दोपहर को होने वाली भस्म आरती दोपहर 12 बजे होगी। भस्म आरती के बाद दोपहर 2 बजे भोग आरती होगी। वहीं सायं आरती और रात्रि आरती होगी जिसके बाद रात्रि 11 बजे मंदिर के पट बंद होंगे।