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मेडिटेशन की मदद से डिप्रेशन से लडऩा सीख रहे स्टूडेंट

हिंदी अध्ययनशाला में नियमित शिविर, विद्यार्थियों को शारीरिक व मानसिक स्वस्थ्य रहने का संदेश, योग की राह पर ध्यान लगाकर मानसिक तनाव से मुक्ति    

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Students learning to fight depression with the help of meditation

उज्जैन. विक्रम विश्वविद्यालय के हिंदी अध्ययनशाला में विद्यार्थियों को शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ्य रहने का संदेश दिया जा रहा है। इसके लिए सहज योगध्यान शिविर का सहारा लिया गया है, ताकि युवाओं में बढ़ते तनाव को खत्म किया जा सके। विभाग में प्रतिदिन विद्यार्थियों को विशेषज्ञों द्वारा सहज योग क्रियाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वर्तमान में सफल कॅरियर की चाह और अनियंत्रित दिनचर्या के कारण युवा तनावग्रस्त हैं। इस कारण मानसिक शांति भंग होने के साथ स्वास्थ्य पर भी गहरा असर पड़ रहा है। युवाओं की एेसी तमाम समस्याओं को योग से दूर करने की पहल की गई है।

यौगिक प्राणाहुति क्रिया

युवाओं को यौगिक प्राणाहुति की सहायता से ध्यान करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके तहत कई क्रियाओं की मदद ली जाती है। शुद्धिकरण, यहां मन के विकारों, नकारात्मकता को बाहर लाकर मन को शांत किया जाता है। अनावश्यक विचारों को दूर कर व्यक्ति सकारात्मक दिशा में बढ़ता है। इसके बाद ध्यान की योगिक प्राणाहुति प्रक्रिया और ध्यान लगाने की प्रक्रिया शुरू होती है।

डिप्रेशन खत्म करने की कवायद

हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रेमलता चुटैल का कहना है कि मेट्रो सिटी में यूथ में डिप्रेशन में रहने और सुसाइड की घटनाओं की संख्या बढ़ रही है। उज्जैन में भी एेसे प्रकरण सामने आने लगे हैं, इसलिए युवाओं को तनाव दूर करने और योग का ज्ञान देने के लिए शिविर का संचालन किया जा रहा है। विद्यार्थियों को योग का ज्ञान देने के लिस विभाग ने एक संस्था का सहयोग लिया है। संस्था के विशेषज्ञ सदस्य विद्यार्थियों को ध्यान योग का विस्तृत ज्ञान देते है। विभाग में पूर्व सत्र में भी विद्यार्थियों के लिए योग शिविर का संचालन किया। इस बार योग को नियमित गतिविधि में शामिल किया गया है।

यह होंगे विद्यार्थियों को फायदे