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सुसनेर नगर परिषद : जीतकर भी हार गई भाजपा !

नगर परिषद में सोमवार को अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव हुआ। भाजपा ने एकतरफा जीत हासिल कर नगर परिषद में सरकार बनाई। अध्यक्ष पद पर लक्ष्मी सिसौदिया ने 11 मत प्राप्त किए। कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी नईम अहमद मेव को 4 मत मिले। इसी तरह उपाध्यक्ष पद के लिए ममता जैन को 11 वोट, कांग्रेस के राकेश कानुडिया को 4 वोट मिले। ममता जैन विजयी घोषित हुई।

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सुसनेर नगर परिषद : जीतकर भी हार गई भाजपा !

नगर परिषद में सोमवार को अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव हुआ। भाजपा ने एकतरफा जीत हासिल कर नगर परिषद में सरकार बनाई। अध्यक्ष पद पर लक्ष्मी सिसौदिया ने 11 मत प्राप्त किए। कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी नईम अहमद मेव को 4 मत मिले। इसी तरह उपाध्यक्ष पद के लिए ममता जैन को 11 वोट, कांग्रेस के राकेश कानुडिया को 4 वोट मिले। ममता जैन विजयी घोषित हुई।

सुसनेर. नगर परिषद में सोमवार को अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव हुआ। भाजपा ने एकतरफा जीत हासिल कर नगर परिषद में सरकार बनाई। अध्यक्ष पद पर लक्ष्मी सिसौदिया ने 11 मत प्राप्त किए। कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी नईम अहमद मेव को 4 मत मिले। इसी तरह उपाध्यक्ष पद के लिए ममता जैन को 11 वोट, कांग्रेस के राकेश कानुडिया को 4 वोट मिले। ममता जैन विजयी घोषित हुई। खास बात यह रही है कि दोनों उम्मीदवार 2 माह पहले भाजपा में आई हैं, वही संगठन में वर्षों से कार्य करने वालों को दरकिनार कर दिया गया। यही वजह हैं कि निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान इक्क-दुक्का भाजपा नेता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं में नाराजगी इस कदर थी कि जीत का जुलूस तक नहीं निकाला।
कांग्रेस के 4,भाजपा के 10 व १ निर्दलीय पार्षद जीता है। निर्वाचन के दौरान निर्दलीय ने भाजपा को समर्थन दे दिया परिणाम स्वरूप दोनों उम्मीदवारों को 11-11 मत मिले। पीठासीन अधिकारी संजीव सक्सेना ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष व उपाध्यक्ष को प्रमाण पत्र दिए।


विधायक समर्थकों को पद पर काबिज करने में रहे कामियाब
अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद पर विधायक राणा विक्रम सिंह समर्थकों को काबिज करने में कामयाब हुए। चुनाव से पूर्व भाजपा में शामिल हुए विधायक ने 15 वार्डों वाली नगर परिषद में 8 वार्डों में समर्थकों को टिकट दिलाया था। 6 ने जीत हासिल की। 4 पूर्व से भाजपा से जुडें पार्षद चुनकर आए। विधायक के समर्थक पार्षदों की संख्या 6 होने व 1 निर्दलीय के भाजपा से जुडऩे के बाद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष दोनो ही पदों पर विधायक समर्थकों को काबिज करने में कामयाब हुए।


नहीं निकला विजयी जुलूस
कार्यकर्ताओं व नेताओं की नाराजगी के चलते जीत के बाद उम्मीदवारों के चुनिंदा समर्थक ही शेष बचे। इसके चलते विजयी जुलूस ही नहीं निकाला। वे पार्षद जो वर्षों से भाजपा से जुड़े हैं। वे मतदान के बाद तुरंत लौट आए। भाजपा मंडल अध्यक्ष सजनसिंह कलारिया एवं भाजपा जिला महामंत्री डॉ. गजेंद्रसिंह चंद्रावत पूरे समय मौजूद रहे।


कांग्रेस ने कहा जीत हमारी हुई हैं
ब्लॉक शहर अध्यक्ष आशिक हुसैन बोहरा ने कहा कि राहुल सिसौदिया कांग्रेस के कार्यकर्ता होने के साथ ही ब्लॉक युवक कांग्रेस अध्यक्ष पद पर रहे हैं। हमारे ही कार्यकर्ता की पत्नी विजयी हुए हैं। इसलिए जीत तो हमारी ही हुई है।
पूर्व भायुमोर्चा अध्यक्ष ने कहा कांग्रेसी बाहर निकल
निर्वाचन से पूर्व एक होटल में पर्यवेक्षक के सामने पहुंचने पर विधायक के साथ एक कांग्रेसी भी पहुंचा तो पूर्व भाजयुमो जिला अध्यक्ष प्रदीप सोनी ने चिल्लाकर कांग्रेसी नेता से बोला एक कांग्रेसी बाहर निकल। इसके बाद पर्यवेक्षक दिनेश शर्मा ने कांग्रेस नेता को कमरे से बाहर निकाल दिया।
तीसरी बार महिला अध्यक्ष बनी
नगर परिषद का 1952 में गठन के बाद इतिहास में तीसरी बार महिला अध्यक्ष बनी है। 2004 में शरावती बोडाना, 2014 में जयकुंवर चंद्रावत अध्यक्ष चुनी गई थी।


ऐसा पहली बार हुआ
नगर परिषद के इतिहास में यह पहला मौका हैं कि जब अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष दोनों ही पदों पर महिला उम्मीदवार चुनी गई हैं। पार्षद पद में 50 प्रतिशत आरक्षण के बाद अब अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष दोनों ही पदों पर महिला निर्वाचित हुई हैं। नगर परिषद सुसनेर का अध्यक्ष पद पिछड़ा वर्ग से है


अध्यक्ष लक्ष्मी सिसोदिया
उम्र -27
शिक्षा-हायर सेकंडरी
राजनीतिक सफर-लक्ष्मी के पति राहुल सिसौदिया कांग्रेस से जुड़े होने के साथ ही ब्लॉक युकां अध्यक्ष रह चुके हैं। 2 माह पूर्व पार्षद पद के लिए उम्मीदवार बनने के बाद भाजपा में शामिल हुए।


उपाध्यक्ष -ममता जैन
उम्र-48
शिक्षा- हाईस्कूल
राजनीतिक सफर-ममता के पति लंबे समय से विधायक राणा विक्रम सिंह से जुड़े रहे। कांग्रेस में नगर अध्यक्ष, युकां अध्यक्ष सहित कई पदों पर रहे। 2 माह पूर्व उम्मीदवार बनने के बाद कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए।

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